बंकिम सेतु के आठ एक्सटेंशन ज्वायंट खराब

Updated at : 01 Oct 2018 2:36 AM (IST)
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बंकिम सेतु के आठ एक्सटेंशन ज्वायंट खराब

हावड़ा : पिछले दिनों बंकिम सेतु का मुआयना करने के बाद सेतु की सेफ्टी पर सवालिया निशान खड़ा हुआ है. 940 मीटर लंबाई वाले इस सेतु पर आठ जगहों का एक्सटेंशन ज्वायंट खराब हो चुका है. जानकारों की मानें तो तुरंत इसे ठीक नहीं किया गया, तो अप्रिय घटना घट सकती है. सबसे बड़ी चिंता […]

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हावड़ा : पिछले दिनों बंकिम सेतु का मुआयना करने के बाद सेतु की सेफ्टी पर सवालिया निशान खड़ा हुआ है. 940 मीटर लंबाई वाले इस सेतु पर आठ जगहों का एक्सटेंशन ज्वायंट खराब हो चुका है. जानकारों की मानें तो तुरंत इसे ठीक नहीं किया गया, तो अप्रिय घटना घट सकती है. सबसे बड़ी चिंता की विषय यह है कि इस सेतु के नीचे हावड़ा स्टेशन है, जहां से कई ट्रेनें खुलती हैं आैर हजारों लोग यहां पहुंचते हैं.
सेतु का मरम्मत कार्य आखिर कौन करेगा, इसको लेकर भी संशय बना हुआ है. सेतु का कुछ हिस्सा रेलवे के अधीन है, जबकि हावड़ा नगर निगम, पीडब्लयूडी आैर एचआइटी के जिम्मे भी यह सेतु आता है, लेकिन नगर निगम के पास सेतु के मरम्मत कार्य के लिए कोई संशाधन मौजूद नहीं है.
मंत्री फिरहाद हकीम ने किया था मुआयना
माझेरहाट ब्रिज के टूटने के कुछ दिनों बाद नगर विकास मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम बंकिम सेतु का मुआयना करने के लिए आये थे. इस दौरान मेयर डॉ रथीन चक्रवर्ती, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर आैर अन्य विभाग के भी अधिकारी मौजूद थे. सेतु का मुआयना करने के बाद आठ जगहों पर एक्सटेंशन ज्वायंट खराब पाया गया है.
ज्वायंट पर लगनेवाला रबर भी पूरी तरह घिस चुका है, जिसके कारण सेतु फिक्स हो गया है. जानकारों के मुताबिक, सेतु का फिक्स होना खतरनाक है. आठ एक्सटेंशन ज्वायंट में तीन रेलवे के जिम्मे है. पांच एक्सटेंशन ज्वायंट का मरम्मत राज्य सरकार करेगी, लेकिन बाकी बचे तीन ज्वायंट का मरम्मत कार्य कौन करेगा, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है. यह तीन ज्वायंट रेलवे के अधीन है.
1980 में हुआ था सेतु का निर्माण
940 मीटर लंबाई वाली ऋषि बंकिम चंद्र सेतु का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था. यह सेतु दो थानों के अंतर्गत है. 940 में 440 मीटर हावड़ा थाना आैर बाकी के 500 मीटर गोलाबाड़ी थाना के अंतर्गत है. यह सेतु मध्य हावड़ा के लिए गेट वे है. इसी सेतु के जरिये मध्य हावड़ा के साथ ग्रामीण हावड़ा की ओर जाने वाली वाहनें गुजरती है.
बंगवासी मोड़ से गर्ल्स कॉलेज तक हावड़ा थाना के अंतर्गत है, जबकि बाकी का क्षेत्र गोलाबाड़ी थाना के अधीन है. बंकिम सेतु पर दुर्घटना कोई नयी बात नहीं है. इसके पहले दो बार मिनी बस इस सेतु से नीचे गिर चुकी है. वर्ष 2009 में संकराइल से हावड़ा स्टेशन आ रही एक मिनी बस ओवरहेड तार को तोड़ते हुए सीधे 10 आैर 11 नंबर प्लेटफार्म के बीच गिरी थी.
इस हादसे में 10 बस यात्री मारे गये थे. इसके थोड़े दिन बाद आैर एक मिनी बस सेतु से गर्ल्स कॉलेज की छत पर गिरी थी. इसके अलावा अक्सर इस सेतु पर छोटी छोटी दुर्घटनाएं होती रहती है.
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