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ममता बनर्जी-पीएम मोदी की लड़ाई में कूदे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कही यह बात

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
अब मुख्य सचिव के मुद्दे पर ममता और मोदी में ठनी
अब मुख्य सचिव के मुद्दे पर ममता और मोदी में ठनी
प्रभात खबर

कोलकाता/नयी दिल्लीः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़ाई में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं. केजरीवाल ने कहा कि यह समय राज्य सरकारों से लड़ने का नहीं, बल्कि मिलकर कोरोना वायरस से निबटने का है. केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय का केंद्रद्वारा अचानक तबादला करने की खबरों मद्देनजर यह बयान दिया.

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को दिल्ली बुलाने के केंद्र के आदेश को बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने असंवैधानिक करार दिया. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया है. सुश्री बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बंद्योपाध्याय को कार्यमुक्त नहीं कर रही है.

बोलीं ममता बनर्जी

  • बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाने के एकतरफा आदेश से स्तब्ध और हैरान हूं

  • पीएम मोदी को लिखा पत्र: कहा- मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाने के आदेश को रद्द करें

  • आदेश एकतरफा और ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व तथा पूरी तरह से असंवैधानिक है

इसके बाद आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, यह समय राज्य सरकारों से लड़ने का नहीं है, सबके साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का है. यह समय राज्य सरकारों की मदद करने का है, उन्हें टीके उपलब्ध कराने का है. यह सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर टीम इंडिया बनकर काम करने का समय है. लड़ाई-झगड़े और राजनीति करने के लिए पूरी ज़िंदगी पड़ी है.

इस ट्वीट के साथ ही केजरीवाल ने एक खबर भी साझा की, जिसमें लिखा था कि चक्रवात और कोविड-19 के कारण आलापन बंद्योपाध्याय बतौर मुख्य सचिव अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं. उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को सेवा विस्तार दिये जाने के मात्र चार दिन बाद केंद्र ने शुक्रवार रात उनकी सेवाएं मांगी और राज्य सरकार से कहा कि वह अधिकारी को तुरंत कार्यमुक्त करे.

उधर, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को भेजे पांच पन्नों के पत्र में मुख्य सचिव को तीन माह का सेवा विस्तार दिये जाने के बाद, उन्हें वापस बुलाने के केंद्र सरकार के फैसले पर पुन: विचार करने का अनुरोध किया है. उन्होंने पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाने के एकतरफा आदेश से स्तब्ध और हैरान हूं. यह एकतरफा आदेश कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाला, ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व तथा पूरी तरह से असंवैधानिक है.

Posted By: Mithilesh Jha

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