ऑनलाइन ठगी के तीन दोषियों को सात वर्ष की सजा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

लालबाजार के मोटर थेप्ट सेक्शन की टीम के 78 दिनों की मेहनत से मिली सजा

सभी दोषियों को दो-दो लाख रुपये जुर्माना भरने का भी निर्देश
ऑनलाइन साइट की मदद लेकर वहां विज्ञापन देनेवाले लोगों से करते थे ठगी
गिरोह का प्रमुख आरोपी राजा इसके पहले भी सात ठगी के मामले में था वांटेड
कोलकाता : लालबाजार के मोटर थेप्ट सेक्शन (एमटीएस) की टीम के हाथों गिरफ्तार ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को सियालदह अदालत ने सात वर्ष की सजा सुनायी है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम राज कुमार माइति (37), आकाश रॉय (34) और मिथुन सील (32) है. एमटीएस की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में 78 दिनों के अंदर इस मामले की सुनवाई के दौरान गिरोह के तीनों सदस्यों को दोषी करार दिया.
आरोपियों को सात वर्ष सजा काटने के अलावा सभी को दो-दो लाख रुपये जुर्माना भरने का भी निर्देश दिया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऑनलाइन साइट में कीमती पुरानी कार व अन्य वस्तुएं बेचने का विज्ञापन देने वाले लोगों को यह गिरोह अपना शिकार बनाते थे. इसी तरह बेलियाघाटा इलाके के निवासी प्रसेनजीत घोष को इन्होंने अपना शिकार बनाया था. इन तीनों ने प्रसेनजीत घोष से संपर्क कर उनसे पुरानी कार खरीदकर इसके बदले नकली डिमांड ड्राफ्ट थमा दिया था. इसके बाद कार लेकर सभी भाग गये थे. पीड़ित व्यक्ति को इसका आभास होने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत बेलियाघाटा थाने में दर्ज करायी थी. मामले की जांच अपने हाथों में लेकर एमटीएस की टीम ने 16 अगस्त 2017 को तीनों को गिरफ्तार कर लिया. जिसके बाद सियालदह कोर्ट ने लंबी सुनवाई के दौरान अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनायी. पुलिस का कहना है कि इस घटना में गिरफ्तार आरोपी राज कुमार माइति इसके पहले सात ठगी के मामले में वांटेड था.
हाइटेक हुआ आरएसएस
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें