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मालदा दक्षिण की इंगलिश बाजार और मोथाबाड़ी में सबसे ज्यादा दागी, कांग्रेस के गढ़ में निर्दलीय भी एक अलग फैक्टर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मालदा दक्षिण की इंगलिशबाजार और मोथाबाड़ी से सबसे दागी कैंडिडेट्स मैदान में
मालदा दक्षिण की इंगलिशबाजार और मोथाबाड़ी से सबसे दागी कैंडिडेट्स मैदान में
प्रभात खबर ग्राफिक्स

बंगाल चुनाव 2021: बंगाल में गुरुवार को आठवें और अंतिम चरण की वोटिंग है. आठवें चरण में मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम और साउथ कोलकाता की 35 सीटों पर वोटिंग होनी है. मालदा जिले की मालदा दक्षिण लोकसभा सीट की दो विधानसभा सीट इस बार संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है. ये दोनों सीटें है इंगलिशबाजार और मोथाबाड़ी.

पश्चिम बंगाल इलेक्शन वाॅच और एसोसियेशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफाॅर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक मालदा जिले की दो विधानसभा सीटें इंगलिशबाजार और मोथाबाड़ी रेड अलर्ट सीट यानी संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है. रिपोर्ट के मुताबिक मालदा जिले के इंगलिशबाजार सीट पर सबसे ज्यादा 11 कैंडिडेट्स मैदान में है, जिनमें 4 कैंडिडेट्स पर आपराधिक मामले दर्ज है. वहीं मोथाबाड़ी विधानसभा सीट से 10 कैंडिडेट्स चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिनमें 3 कैंडिडेट्स पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

कांग्रेस के गढ़ में निर्दलीय ने जीतकर किया था सबको अचंभित

मालदा दक्षिण लोकसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है. मालदा दक्षिण में 2009 से कांग्रेस कैंडिडेट अबु हासेम खान चौधरी इस सीट पर जीत हासिल करते आये हैं. 2019 में मोदी की लहर में मालदा उत्तर में कांग्रेस का किला ढह गया था लेकिन मालदा दक्षिण कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने में बीजेपी चूक गयी थी. मगर इंगलिशबाजार की सीट से बीजेपी को सबसे अधिक 132860 सीटें मिली थी.

वहीं 2016 विधानसभा चुनाव परिणाम की बात करें तो मालदा दक्षिण के तहत 5 विधानसभा सीटों में से तीन सीटें कांग्रेस को मिली थी जबकि बीजेपी ने खाता खोला था और उसे एक सीट पर जीत हासिल हुई थी. वहीं कांग्रेस के गढ़ में टीएमसी को भी पछाड़कर निर्दलीय कैंडिडेट ने जीत हासिल कर सबको चौका दिया था. वो सीट है इंगलिशबाजार विधानसभा. 2016 में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार निहार रंजन घोष को 107183 वोट मिले थे जबकि टीएमसी के कद्दावर नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी को 39727 वोट पर ही संतोष करना पड़ा था. कांग्रेस तीसरे स्थान पर थी.

इस बार भी इस सीट पर टीएमसी, बीजेपी और संयुक्त मोर्चा पूरा दमखम लगा रही हैं तो वहीं निर्दलीय कैंडिडेट को भी इस सीट पर कम नहीं आंका जा सकता है. इस सीट पर निर्दलीय कैंडिडेट की तीनों हैवीवेट पार्टियों को खामोश करने की क्षमता से इनकार नहीं किया जा सकता है. इस बार इंगलिशबाजार से बीजेपी ने श्रीरूपा मित्रा चौधरी, टीएमसी ने कृष्णेंदु नारायण चौधरी और संयुक्त मोर्चा ने कौशिक मिश्र पर दांव लगाया है. श्रीरूपा मित्रा चौधरी 2019 में इस लोकसभा सीट से हार गयी थी. मगर बीजेपी ने कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने के लिए फिर अपने इसी प्लेयर को मैदान में उतारा है.

मोथाबाड़ी सीट के बदले समीकरण से किसे मिलेगी जीत 

मालदा दक्षिण की मोथाबाड़ी सीट भी इस बार काफी महत्वपूर्ण सीट है. दागी कैंडिडेट्स के कारण इस सीट पर चुनाव आयोग की नजर है और इस सीट पर बड़ी संख्या में सेंट्रल फोर्स के जवानों की तैनाती है. 2016 में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. कांग्रेस की यास्मीन सबीना ने टीएमसी के मो. नजमुल इस्लाम को 39727 वोटों से हराया था. मगर इस बार समीकरण बदल गया है. यास्मीन सबीना कांग्रेस का दामन छोड़ टीएमसी का झंडा थाम चुकी है. इस सीट पर या यूं कहे मालदा दक्षिण में अपना खाता खोलने के लिए टीएमसी ने यास्मीन सबीना को चुनावी रण में उतारा है. वहीं बीजेपी की तरफ से श्याम चंद घोष और संयुक्त मोर्चा के कांग्रेस की तरफ से मोहम्मद दुलाल शेख चुनावी मैदान में है.

Posted by : Babita Mali

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Published Date

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