आसनसोल उत्तर में ‘बटन’ वाला खेल, अफवाह और पैसे बांटने का सनसनीखेज आरोप, भाजपा ने की शिकायत

Asansol North Election 2026: आसनसोल उत्तर से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी के एजेंटों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाये हैं. पैसे बांटने के आरोपों और ईवीएम बटन नंबर को लेकर फैलायी जा रही अफवाहों पर रिपोर्ट.

Asansol North Election 2026| आसनसोल, संतोष विश्वकर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट पर सियासी माहौल गरमा गया है. शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी के चुनाव एजेंटों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सनसनीखेज आरोप लगाये हैं.

वोटर को लुभाने के लिए लिफाफा संस्कृति का सहारा!

भाजपा नेताओं का दावा है कि उनके उम्मीदवार को हराने के लिए न केवल भ्रामक अफवाहें फैलायी जा रही हैं, बल्कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए लिफाफा संस्कृति (पैसे बांटने) का भी सहारा लिया जा रहा है. इस मामले में भाजपा ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने कहा है कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए जान-बूझकर ऐसा किया जा रहा है, ताकि भाजपा के वोट खराब किये जा सकें.

बटन नंबर 1 या 10? भ्रम फैलाने का आरोप

भाजपा उम्मीदवार के चुनाव एजेंट मदन मोहन चौबे और दुर्गेश नागी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एक सुनियोजित साजिश के तहत दुष्प्रचार किया जा रहा है. बाजार और मुहल्लों में यह बात फैलायी जा रही है कि कृष्णेंदु मुखर्जी का ईवीएम (EVM) बटन नंबर 10 है. हकीकत यह है कि कृष्णेंदु मुखर्जी का चुनाव चिह्न ‘कमल’ है और उनका बटन नंबर 1 है.

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कैश कांड और लिफाफे बांटने का दावा

संवाददाता सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए पैसे बांटने के गंभीर आरोप लगाये हैं. भाजपा का आरोप है कि आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को गुप्त रूप से लिफाफे बांटे जा रहे हैं, जिनमें नकदी (पैसे) हैं. भाजपा ने निर्वाचन आयोग को इस संबंध में सूचित किया है. पार्टी ने मांग की है कि ऐसे संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत रोक लगायी जाये और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो.

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CRPF की तैनाती के पैटर्न पर असंतोष

दुर्गेश नागी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) की तैनाती के पैटर्न पर भी सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि वे मतदान केंद्रों पर जिस तरह से जवानों को तैनात किया गया है, उससे वे संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तैनाती की वर्तमान व्यवस्था से सत्ताधारी दल को लाभ पहुंच सकता है. मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है. इस मुद्दे पर भी आयोग से हस्तक्षेप की मांग की गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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