रिटायर्ड कोलकर्मियों के इलाज के लिए स्कीम सदस्यता की मियाद बढ़ी, दिसंबर तक जमा लिये जायेंगे 40 हजार रुपये

Updated at : 27 Aug 2018 12:31 AM (IST)
विज्ञापन
रिटायर्ड कोलकर्मियों के इलाज के लिए स्कीम सदस्यता की मियाद बढ़ी, दिसंबर तक जमा लिये जायेंगे 40 हजार रुपये

सांकतोड़िया : कोलकर्मियों को पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल बेनिफिट स्कीम के सदस्य बनने की समय सीमा 31 दिसंबर, 2018 तक बढ़ा दी गई है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इसका फायदा उठा सकें. ईसीएल सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों को गंभीर बीमारी होने पर इलाज कराने के लिए असीमित राशि मिलेगी. कोयला अधिकारियों की तरह […]

विज्ञापन

सांकतोड़िया : कोलकर्मियों को पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल बेनिफिट स्कीम के सदस्य बनने की समय सीमा 31 दिसंबर, 2018 तक बढ़ा दी गई है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इसका फायदा उठा सकें.

ईसीएल सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों को गंभीर बीमारी होने पर इलाज कराने के लिए असीमित राशि मिलेगी. कोयला अधिकारियों की तरह सेवानिवृत्त कोलकर्मियों को भी गंभीर बीमारी होने पर बेहतर इलाज के लिए असीमित राशि खर्च करने पर प्रबंधन ने सहमति जता दी है. पर अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहना जा सका है. इसका लाभ रिटायर्ड कर्मियों को नहीं नहीं मिल पा रहा है.
प्रबंधन ने पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम का सदस्य बनने की तिथि में पुनः इजाफा करते हुए इसे दिसंबर, 2018 तक बढ़ाया है. स्कीम के तहत कर्मियों को 40 हजार रूपये तथा सीआइएल प्रबंधन को 18 हजार रूपये जमा करने होंगे. सात सूचीबद्ध गंभीर बीमारी होने पर इलाज के लिए असीमित राशि खर्च की जायेगी, जबकि आठ लाख तक मेडिकल सुविधा भी रिटायर्ड कर्मियों को मिलती रहेगी. वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को इस मद में किश्त अथवा एकमुश्त राशि जमा करने की सुविधा दी गई है.
सूत्रों ने कहा की पिछले एरियर से कटौती कर इस मद में राशि जमा की जा रही थी, पर श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के विरोध जताए जाने पर प्रबंधन को पीछे हटना पड़ा और राशि लौटानी पड़ी. प्रबंधन ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस स्कीम के तहत अभी तक कितने सदस्य बन चुके हैं. मेडिकल स्कीम संचालन के लिए ट्रस्टी बोर्ड बनाया जाना है.
प्रबंधन के साथ बैठक में यूनियन ने बोर्ड का गठन जल्द करने का प्रस्ताव रखा. प्रबंधन ने सीआइएल स्तर पर बोर्ड बनाने कहा, जिसका श्रमिक नेताओं ने विरोध करते हुए कहा कि कंपनी स्तर पर बोर्ड बनना चाहिए. साथ ही दो-तीन उप बोर्ड हो, ताकि पीड़ित कोलकर्मी को राशि के लिए भटकना न पड़े. संभावना जताई जा रही है कि आगामी बैठक में इस मसले पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जायेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola