बीमारी पर प्रहार: पश्चिमी सिंहभूम के गुंडीजोड़ा गांव में मलेरिया जांच अभियान, बचाव के सिखाए गुर

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज हो गयी है. गुंडीजोड़ा गांव में स्वास्थ्य विभाग और CINI फाउंडेशन ने घर-घर जाकर जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान दो मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों को मच्छरदानी के उपयोग और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया. देखिए कैसे स्वास्थ्यकर्मी सुदूर इलाकों में बचा रहे हैं लोगों की जान.

West Singhbhum News, पश्चिमी सिंहभूम (सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट): पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुंडीजोड़ा गांव में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग और CINI फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मलेरिया के खिलाफ एक विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया गया. हेल्थ सब सेंटर (HSC) कुटिंगता की अगुवाई में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गांव के टोले-मोहल्लों में जाकर लोगों की मलेरिया जांच की. इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया के प्रसार को रोकना और समय पर मरीजों की पहचान करना है.

दो पॉजिटिव मरीजों की पहचान, तुरंत दवाएं उपलब्ध

जांच अभियान के दौरान दो व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव (पीवी) पाए गए. पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों मरीजों को मलेरिया रोधी दवाएं उपलब्ध कराईं. एएनएम (ANM) रंजना कुमारी और एमपीडब्ल्यू (MPW) राजू गोपे ने संबंधित सहिया दीदियों को निर्देश दिया कि वे मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि वे दवाओं का पूरा कोर्स लें.

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जागरूकता से ही बचाव संभव

शिविर के दौरान CINI फाउंडेशन के अभिषेक कुमार और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षणों जैसे तेज बुखार, ठंड लगना और बदन दर्द के प्रति सचेत किया. उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि जलजमाव और गंदगी ही मच्छरों के पनपने की मुख्य वजह है. टीम ने लोगों से अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की.

अभियान में शामिल रहे ये स्वास्थ्य योद्धा

इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में एएनएम रंजना कुमारी, राजू गोपे, कैरा लगुरी, विष्णु सरदार, दीपक बेहरा सहित स्थानीय सहिया एवं सहिया साथी दीदियों ने कड़ी मेहनत की. स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से गांव में जागरूकता का संचार हुआ है और समय रहते बीमारी की पहचान होने से संक्रमण फैलने का खतरा कम हुआ है.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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