नक्सली पोस्टरबाजी से सेल में दहशत, छुपे रहे कर्मचारी, फैली अपहरण की अफवाह

Updated at : 15 Jan 2017 12:57 AM (IST)
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नक्सली पोस्टरबाजी  से सेल में दहशत, छुपे रहे कर्मचारी, फैली अपहरण की अफवाह

सेल की मेघाहातुबुरू पंप हाउस गेट पर नक्सलियों ने की पोस्टरबाजी सुबह छह बजे कर्मचारियों के वापस आने पर अपरहण के अफवाह पर लगी विराम एक बार रात के नौ बजे से पहले फिर रात के दो बजे हुई पोस्टरबाजी डर से पंप हाउस में पूरी रात छिपे रहे सेल के दो कर्मचारी पुलिस ने […]

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सेल की मेघाहातुबुरू पंप हाउस गेट पर नक्सलियों ने की पोस्टरबाजी

सुबह छह बजे कर्मचारियों के वापस आने पर अपरहण के अफवाह पर लगी विराम
एक बार रात के नौ बजे से पहले फिर रात के दो बजे हुई पोस्टरबाजी
डर से पंप हाउस में पूरी रात छिपे रहे सेल के दो कर्मचारी
पुलिस ने घटना को बताया असामाजिक तत्वों की करतूत
सुरक्षा व मुआवजे देने पर सहमति के बाद शुरू हुआ कार्य
किरीबुरू : सेल की मेघाहातुबुरू के परमानेंट पंप हाउस के मुख्य गेट पर शुक्रवार की देर रात माओवादियों के नाम पर पोस्टर चिपका दिया गया. पोस्टरबाजी की सूचना पाकर दो सेल कर्मचारी सागर जेराई व शंकर निषाद डर से पंप हाउस में दुबके रहे. देर तक दोनों के पंप हाउस में छिपकर रहने के कारण उनके अपहरण की अफवाह उड़ती रही. सुबह छह बजे दोनों के पंप हाउस से बाहर आने के बाद अपहरण की घटना पर विराम लगी. दोनों कर्मी पंप हाउस वाले रास्ते में छिपकर बैठे थे. वाहन भेज कर दोनों को वापस लाया गया. अपहरण की अफवाह से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा. पंप हाउस से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर सेल की मेघाहातुबुरू खदान है. हालांकि पुलिस ने पोस्टरबाजी को शरारती व असामाजिक तत्वों की करतूत बताया है.
घटना को लेकर किरीबुरू के डीएसपी तौकिर आलम, सीआइएसएफ के उप-कमांडेंट बीआर ढाका, सहायक कमांडेंट हरभजन सिंह, इंस्पेक्टर गिरिश कुमार, किरीबुरू थाना प्रभारी अशोक कुमार ने पंप हाउस का जायजा लिया.
पोस्टर देखकर भागे दो कर्मियों से हुआ वारदात का खुलासा. पंप हाउस के अंदर दुबके दोनों सेल कर्मी शंकर निषाद व सागर जेराई की ड्यूटी खत्म हो गयी थी. इसके बाद नाइट शिफ्ट में अल्फ्रेड लुगुन व सीपी चटर्जी की ड्यूटी थी. दोनों रात के नौ बजे ड्यूटी करने आये तो गेट पर नक्सलियों के नाम से सटा पोस्टर देखा. पोस्टर देखते ही दोनों उल्टे पांव लौट गये. दोनों को वापस जाता देख शंकर निषाद व सागर जेराई को आश्चर्य हुआ. वापस होने का कारण पता करने दोनों गेट पर आये तो, पोस्टर देखकर वे दोनों भी हैरान हो गये. आनन-फानन में दोनों पंप हाउस के अंदर की ओर भाग गये. क्योंकि पोस्टर में लिखा था कि गेट खोलने पर गोली चल जायेगी.
दोबारा आकर गेट पर साटा गया पोस्टर, मदद का इंतजार करते रहे दोनों कर्मी
डर से पंप हाउस के अंदर दुबके शंकर निषाद व सागर जेराई ने बताया कि रात के लगभग दो बजे कुछ लोग पुन: वापस आये और दरवाजे पर पोस्टर चिपका दिया. बाहर की लाइट बंद की और चले गये. कर्मचारियों ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने वॉकी-टॉकी से चार्जमैन राजकुमार को दी. लेकिन, सुबह तक कोई मदद नहीं मिली. बताया कि पंप हाउस में पानी की तेज आवाज होने से लोगों के आने की आवाज सुनाई नहीं दी. नाइट शिफ्ट डियूटी गये अल्फ्रेड व चटर्जी ने भी पोस्टरबाजी की सूचना सीआइएसएफ के जवानों व अधिकारियों को दी. लेकिन, प्रबंधन व सुरक्षा एजेंसी ने तत्काल में कोई कदम नहीं उठाया.
घटना से गुस्सासे सेल कर्मियों ने 11 घंटे काम किया ठप
अपहरण की अफवाह से पुलिस हलकान रही, तो सेल कर्मी परेशान रहे. किरीबुरू थाना पुलिस व सीआइएसएफ के अधिकारी व जवान शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की सुबह तक परेशान रहे. इस घटना को लेकर सेल कर्मियों का गुस्सा फूट गया. सेल कर्मियों ने सुरक्षा तथा बीमा और अन्य मांगों को लेकर सुबह छह बजे से उत्पादन, लोडिंग व डिस्पैच कार्य को ठप कर दिया. बाद में शाम के लगभग साढ़े पांच बजे सेल कर्मी और प्रबंधन के बीच वार्ता होने के बाद सेल कर्मियों ने कार्य शुरू किया.
इंटरव्यू के लिए कॉल नहीं पाने वालों की करतूत!. गेट पर जो पोस्टर लगा है, उस पर माओवादी भी सही से नहीं लिखा. हिंदू, मुसलिम, व बंगाली के हाथ काटने की बात कही गयी है. आमतौर पर माओवादी अपने पोस्टर में जाति व धर्म जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करते हैं. बताया जा रहा है कि 17 से 21 जनवरी तक सेल में 106 पदों पर होने वाली बहाली के लिए राउरकेला में साक्षात्कार होना है. जिसमें, कुछ को ही साक्षात्कार का पत्र सेल प्रबंधन ने भेजा है.
जिनको, सेल प्रबंधन की ओर से साक्षात्कार का कॉल लेटर नहीं मिला है, वैसे लोगों का हाथ इस वारदात के पीछे बताया जा रहा है. पुलिस की जांच भी इसी दिशा में बढ़ रही है. शनिवार को सारंडा व किरीबुरू-मेघाहातुबुरू के बेरोजगार युवकों द्वारा राउरकेला में आयोजित इंटरव्यू के विरोध में प्रदर्शन था. इस वारदात के बाद प्रदर्शन को टाल दिया गया.
सेलकर्मियों को सुरक्षा देने पर बनी सहमति, 25 लाख मुआवजे का प्रस्ताव
सेलकर्मियों की सुरक्षा व नक्सल घटना में किसी के हताहत होने पर 25 लाख रुपये का प्रस्ताव सेलकर्मियों ने प्रबंधन के समक्ष रखा. दोनों मुद्दों पर दोनों पक्षों में वार्ता हुई. उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इस दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति के बाद लगभग साढ़े पांच बजे खदान में कार्य प्रारंभ हुआ. वार्ता में उप महाप्रबंधक प्रशासनिक डीएसडी सरस्वती, प्रभारी प्रबंधक सेलबम, मनीष राय के अलावा दर्जनों अधिकारी व सेलकर्मी मौजूद थे. उत्पादन व डिस्पैच ठप रहने से सेल को प्रति घंटे लगभग 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ.
28 अप्रैल 2003 को नक्सलियों ने 4 सेल कर्मियों का किया था अपहरण
सेल में कर्मचारियों के साथ अपहरण की वारदात पहले भी हो चुकी है. 28 अप्रैल 2003 को नक्सलियों ने लेवी की मांग को लेकर मेघाहातुबुरू खदान में घुसकर सेल के चार अधिकारियों का अपहरण कर लिया था. अपहरण के कुछ घंटे बाद छोड़ा था. इस घटना के एक साल बाद भी नक्सली खदान में घुसे थे. अधिकारियों के बारे में जानकारी लेकर वापस हो गये थे. सेल की किरीबुरू-मेघाहातुबुरू खदान में कई बार विस्फोट भी नक्सली कर चुके हैं. सेल के उपक्रमों, पंप हाउसों को नुकसान पहुंचाने, वाहन जलाने, सीआइएसएफ जवानों का अपहरण आदि का प्रयास नक्सली कर चुके हैं.
इस घटना के पीछे शरारती तत्वों व असामाजिक लोगों का हाथ प्रतीत हो रहा है. मामला सेल की बहाली से भी जुड़ा हो सकता है. पुलिस हर पहलुओं की जांच कर रही है. जांच के बाद पूरी तरह से मामले का खुलासा हो पायेगा.
तौकिर आलम, डीएसपी, किरीबुरू
मामले की जानकारी होने के तुरंत बाद मैंने वरीय अधिकारियों की इसकी सूचना दी थी. लेकिन, तत्काल रूप से कोई सहायता नहीं मिली.
राज कुमार, चार्ज मैन
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