बानो (सिमडेगाः प्रखंड क्षेत्र की उकौली पंचायत के तिलिंगबेड़ा गांव निवासी 21 वर्षीय मुनिता होरो को रविवार को सांप ने डस लिया. सर्पदंश के बाद परिजन पहले झाड़-फूंक कराने में जुटे रहे. बाद में सोमवार को युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे बानो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया. यहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर एंटी-वेनम देकर उसकी जान बचाई.
बताया गया कि मुनिता रविवार को पास के गांव में मेहमान के रूप में गई थी. शाम के समय वह एक पेड़ के नीचे बैठी थी. इसी दौरान अचानक एक सांप ने उन्हें डस लिया. सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें झाड़-फूंक कराने ले गए. लेकिन उसकी हालत और बिगड़ने लगी. इसके बाद सोमवार को परिजनों ने उसे इलाज के लिए बानो सीएचसी पहुंचाया.
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एंटी-वेनम देने के बाद हालत में हुआ सुधार
सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया. चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार के साथ युवती को एंटी-वेनम (सर्प विषरोधी दवा) दी. इलाज के कुछ देर बाद उसकी स्थिति में सुधार होने लगा. स्वास्थ्य में सुधार के बाद चिकित्सकों ने आवश्यक सलाह देकर उसे घर भेज दिया.
झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करने की अपील
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें. पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं. उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और एंटी-वेनम मिलने से सर्पदंश के मरीज की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने लोगों से सर्पदंश के मामलों में सतर्क रहने और बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की.
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