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National Sports Day 2021:तीरंदाजी छोड़ मिट्टी के बर्तन बना रहा झारखंड के सरायकेला का धनुर्धर शिव कुमार कुंभकार

तीरंदाज शिवकुमार (archer Shiv Kumar Kumbhakar) ने बताया कि वर्ष 2015 में उसे सरकार की ओर से करीब 36 हजार रुपये का रिवार्ड मिला था. इस राशि के साथ-साथ महिला समिति से करीब 60 हजार रुपये का ऋण ले कर शिवकुमार ने एक रिकर्व धनुष (recurve bow) खरीदा था.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
National Sports Day 2021 : मेडल के साथ तीरंदाज शिव कुमार व उसके परिजन
National Sports Day 2021 : मेडल के साथ तीरंदाज शिव कुमार व उसके परिजन
प्रभात खबर

National Sports Day 2021, सरायकेला खरसावां न्यूज (प्रताप/शचिंद्र) : झारखंड के खरसावां के कुम्हारसाई टोला का शिवकुमार कुंभकार अब तीरंदाजी से दूर अपने गांव में पुस्तैनी कार्य कर रहा है. वह अब मिट्टी का बर्तन बनाने का काम कर रहा है. शिवकुमार कुंभकार आगे अपने प्रिय खेल तीरंदाजी को जारी रखना चाहता है,परंतु घर की आर्थिक तंगी उसके मार्ग में बाधा डाल रही है. ये राज्य व राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता में कई मेडल जीत चुका है.

घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिवकुमार अब तीरंदाजी को छोड़ कर घर के पुस्तैनी व्यवसाय से जुड़ गया है. साथ ही घर के खेती-बाड़ी का काम भी कर रहा है. घर में मां, पिताजी के साथ-साथ तीन भाई व एक बहन भी हैं. पिता भीमसेन कुंभकार (65 वर्ष) भी शारीरिक रुप से कमजोर होते जा रहे हैं. ऐसे में घर चलाने की बड़ी जिम्मेवारी भी अब पिता भीमसेन कुम्हार के साथ-साथ शिवकुमार के ऊपर है. शिवकुमार ने बताया कि पारिवारिक जिम्मेवारी के कारण न चाहते हुए भी वह तीरंदाजी से दूर होता जा रहा है. परिवार वालों के भरण-पोषण की जिम्मेवारी उसके ऊपर है. इस कारण अब वह पूरी तरह से अपने पुस्तैनी व्यवसाय से जुड़ गया है. शिव कुमार के बताया कि सरकार या प्रशासन से सहयोग नहीं मिला तो आगे घर की हालात को देखते हुए न चाहते हुए तीरंदाजी छोड़ना पड़ेगा.

मिट्टी के बर्तन बनाता तीरंदाज शिव कुमार कुंभकार
मिट्टी के बर्तन बनाता तीरंदाज शिव कुमार कुंभकार
प्रभात खबर

कुम्हारसाई का शिव कुमार करीब 13 साल की आयु से तीरंदाजी कर रहा है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा द्वारा खरसावां केदामादिरी मैदान में संचालित तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में जाकर शिवकुमार ने वर्ष 2011 में पहली बार प्रशिक्षण लेना शुरु किया था. कोच बीएस राव व हिमांशु मोहंती से प्रशिक्षण लेते हुए एक साल बाद ही शिवकुमार ने पदक पर कब्जा जमाया. वर्ष 2012 में 10वां स्टेट आर्चेरी चैंपियनशीप में स्वर्ण व कांस्य तथा अंतिम बार 2019 में 13 वां स्टेट आर्चेरी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल समेत कई मेडल जीता है. इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुका है.

आर्थिक तंगी के कारण कर रहा पुश्तैनी कार्य
आर्थिक तंगी के कारण कर रहा पुश्तैनी कार्य
प्रभात खबर

तीरंदाज शिवकुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में उसे सरकार की ओर से करीब 36 हजार रुपये का रिवार्ड मिला था. इस राशि के साथ-साथ महिला समिति से करीब 60 हजार रुपये का ऋण ले कर शिवकुमार ने एक रिकर्व धनुष खरीदा था. इसकी कीमत करीब एक लाख रुपये है. तीरंदाजी संघ की अध्यक्षा मीरा मुंडा ने अपने स्तर से शिवकुमार को तीर व अन्य खेल उपकरण उपलब्ध कराये थे. शिव कुमार का खरीदा हुआ धनुष अब भी उसके घर में है.

ये हैं शिव कुमार की उपलब्धियां

2012 में में 10वां स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप (बोकारो) में स्वर्ण व कांस्य पदक

2013 में 58वां नेशनल स्कूल गेम्स आर्चरी चैंपियनशिप (कोलकाता) में रजत व कांस्य पदक

33वां सब जूनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप(बेंगलुरु) में स्वर्ण पदक

36वां जूनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप(असम) में रजत पदक

2014 में 34वां सब जूनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप(हरियाणा) में स्वर्ण व रजत पदक

37वां जूनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप (विजयवाड़ा) में स्वर्ण पदक

59वां नेशनल स्कूल गेम्स अर्चरी चैंपियनशिप(आंध्रप्रदेश) में रजत व कांस्य पदक

2016 वर्ष में सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप (झारखंड) में कांस्य पदक

2020 में भुवनेश्वर में आयोजित खेलो इंडिया व 2015 में रांची में आयोजित 61वां नेशनल स्कूल गेम्स में झारखंड की टीम से भाग ले चुका है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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Published Date

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