साहिबगंज व पाकुड़ इलाके के पांच कुख्यात अब सरकार के लिए सिरदर्द

Published at :20 Mar 2016 5:02 AM (IST)
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साहिबगंज व पाकुड़ इलाके के पांच कुख्यात अब सरकार के लिए सिरदर्द

साहिबगंज इलाके का कुख्यात माना जाने वाला पंकज लाला व प्रकाश मंडल उर्फ पीके सहित पाकुड़ के मूसा, मोद्दा व अलफ का पता बताने वालों पर पुलिस ने इनाम की घोषणा की है. राजमहल : साहिबगंज इलाके का कुख्यात पंकज लाला व प्रकाश मंडल उर्फ पीके झारखंड पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है. स्थिति […]

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साहिबगंज इलाके का कुख्यात माना जाने वाला पंकज लाला व प्रकाश मंडल उर्फ पीके सहित पाकुड़ के मूसा, मोद्दा व अलफ का पता बताने वालों पर पुलिस ने इनाम की घोषणा की है.

राजमहल : साहिबगंज इलाके का कुख्यात पंकज लाला व प्रकाश मंडल उर्फ पीके झारखंड पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है. स्थिति यह है कि पुलिस ने इन दोनों का पता बताने वालों को हजारों के इनाम देने की घोषणा कर दी है. पुलिस ने पीके पर 50 हजार व पंकज लाला पर 25 हजार का इनाम रखा है. इन दोनों कुख्यात का नाम आज इलाके के हर आदमी की जुबां पर है. ये दोनों दर्जनों हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी, बमबाजी के आरोपित हैं.
कोलकाता मेट्रो में सुरेंद्र भारती को मार कर अपराध की दुिनयां का चर्चित नाम बना पंकज लाला
जेई व दिलदार अपहरण कांड के अलावे भाजपा के पुर्व जिला अध्यक्ष रणधीर सिंह पर बमबाजी कर जानलेवा हमला, सुरेंद्र भारती हत्या कांड के बाद पंकज लाला अपराध की दुनिया का चर्चित नाम बन गया. लाला ने कोलकाता मेट्रो स्टेशन के समीप सुरेंद्र भारती की हत्या कर दी थी. कोलकाता में गिरफ्तार पंकज लाला को राजमहल पुलिस रिमांड पर राजमहल लायी थी. सीसीए एक्ट भी लगाया गया था, बाद में लाला को जमानत मिली. जिसके बाद से आजतक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है. पीके के संपर्क में भी कुछ दिन रहा, इसके बाद उसका तालमेल बिगड़ गया.
लाला व पीके पर रहता है सफेदपोशों का बरदहस्त
क्षेत्र के कुख्यात अपराधी पीके मंडल उर्फ प्रकाश मंडल जो परमानंद मंडल हत्या कांड से चर्चा में आया. पीके के सह पर नंदन मंडल हत्या कांड व संजय भुवानिया अपहरण कांड जैसे घटनाओं को अंजाम दिया गया. पीके के द्वारा झारखंड से नाव द्वारा पश्चिमबंगाल जाने वाले पत्थरों के लिए रंगदारी वसूलता था. प्रभाकर मंडल के पकड़े जाने के बाद लगा था कि पीके के करीब अब पुलिस पहुंच जायेगी. लेकिन यहां कि पुलिस पीके तो दूर अब तक प्रभाकर के करीब भी नहीं पहुंच पायी है. वह पश्चिम बंगाल के जेल में ही बंद है. सूत्रों की मानें तो पीके व पंकज लाला दोनों पर स्थानीय सफेदपोशों का विशेष बरदहस्त है. ये सफेदपोश पीके व पंकज लाला के ग्रुप का उपयोग चुनाव में करते हैं.
इलाके में पीके के कई मुखबिर
राजमहल व बरहरवा के इलाके में पीके उर्फ प्रकाश मंडल के कई मुखबिर हैं. ये मुखबिर समाज में एक पहचान रखने वाले लोगों में शामिल हैं. लेकिन एक बात यह भी है कि पीके को पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी आखिर कौन देता है. प्रभाकर जब चेन्नई में इलाज करा रहा था तो उस समय उसे पुलिस की गतिविधि की जानकारी किसी ने दी थी. इससे यह बात साफ हो रही है कि वो मुखबिर पुलिस से विशेष संबंध रखने वालों में शामिल है. हालांकि पुलिस हर रोज इस मामले में अपनी माथा पच्ची करती है लेकिन आज आज तक इस मसले को नहीं सुलझा पायी है. पुलिस मुखबिर से भी पीके तक पहुंच सकती है. लेकिन शायद ऐसा प्रयास नहीं हो रहा है.
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