रांची : हजारीबाग में खासमहल जमीन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर की गई तीखी टिप्पणी से झारखंड की सियासत में भूचाल आ गया है. योगेंद्र साव के बयान पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ा एतराज जताया है और कांग्रेस नेतृत्व से पूर्व मंत्री पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी पूर्व मंत्री के बयान पर पल्ला झाड़ते हुए उसके बयान को गलत बताया है.
JMM की चेतावनी- बार-बार आपत्तिजनक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने योगेंद्र साव के बयान पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पार्टी को याद दिलाया कि वे इससे पहले भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं. उन्होंने साफ किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने नेता और सीएम पर इस तरह की अमर्यादित बयानबाजी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा.
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने भी बताया अनुचित, कार्रवाई के संकेत
दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी योगेंद्र साव के बयान से पल्ला झाड़ते हुए इसे पूरी तरह से गलत ठहराया है. उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत या विवादित टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है. राजेश ठाकुर ने संकेत दिए कि पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू अनुशासनहीनता को लेकर बेहद सख्त हैं, इसलिए योगेंद्र साव पर एक बार फिर गाज गिर सकती है.
बेटी अंबा प्रसाद ने भी पिता के बयान से बनाई दूरी
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयान पर कांग्रेस पार्टी के साथ साथ उनकी बेटी ने भी किनारा कर लिया है. बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना अपनी जगह सही है, लेकिन मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना बिल्कुल अनुचित है. गौरतलब है कि इससे पहले भी मार्च 2026 में गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी के कारण योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित किया गया था, हालांकि जून में उनका निष्कासन रद्द कर दिया गया. अब सूत्रों की मानें तो लगातार अनुशासनहीनता को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान योगेंद्र साव पर एक फिर सख्त कार्रवाई कर सकती है.
