केंद्र की मदद से झारखंड के 5 शहरों से गुजरने वाली नदियों का होगा पुनरुद्धार

Rivers Rejuvenation Plan Jharkhand: झारखंड के 5 शहरों से गुजरने वाली नदियों का पुनरुद्धार किया जायेगा. यह काम केंद्र सरकार की एक योजना से होगा. जिन नदियों का पुनरुद्धार होगा, उसमें गंगा, दामोदर, खरकई, हरमू और स्वर्णरेखा शामिल हैं. ये नदियां रांची, धनबाद, साहिबगंज (राजमहल), आदित्यपुर और चास से गुजरती हैं.

Rivers Rejuvenation Jharkhand: केंद्र सरकार की एक योजना के तहत झारखंड के 5 शहरों से होकर गुजरने वाली नदियों का जल्द ही पुनरुद्धार किया जायेगा और पर्यावरण अनुकूल वातावरण विकसित किया जायेगा. अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि झारखंड के आदित्यपुर, चास, धनबाद, रांची और साहिबगंज (राजमहल) जैसे शहरों को गंगा, दामोदर, खरकई, हरमू और स्वर्णरेखा नदियों के पुनरुद्धार के पहले चरण के लिए चुना गया है.

शहरी नदी प्रबंधन योजना के तहत होगा निदयों का पुनरुद्धार

यह परियोजना शहरी नदी प्रबंधन योजना (यूआरएमपी) के अंतर्गत क्रियान्वित की जायेगी, जो नदी शहर गठबंधन (आरसीए) के प्रमुख घटकों में से एक है. अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य नदी के पानी को साफ करना और निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करना है.

नदी तट का विकास और पौधरोपण को दिया जायेगा बढ़ावा

उन्होंने बताया कि पर्यावरण अनुकूल वातावरण बनाने के लिए नदी तट विकास और पौधारोपण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना भी इस पहल का हिस्सा है. परियोजना पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में झारखंड शहरी विकास एवं आवास विभाग के सचिव सुनील कुमार ने कहा कि हर शहर की अलग-अलग चुनौतियां हैं, इसलिए प्रत्येक शहर के लिए एक विशिष्ट योजना तैयार की जानी चाहिए.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

‘गंगा की सहायक नदियों को भी कार्यक्रम में शामिल करें’

सुनील कुमार ने कहा कि वृहद गंगा नदी तटों वाले राज्यों को केंद्र के नमामि गंगे कार्यक्रम से अधिक लाभ हुआ है. उन्होंने कहा, ‘चूंकि झारखंड में गंगा नदी का केवल 80 किलोमीटर का क्षेत्र है, इसलिए इसकी सहायक नदियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए. ये नदियां अंततः गंगा नदी के जल में योगदान करती हैं. यह परियोजना गंगा नदी के जल को स्वच्छ रखने और उसकी निर्बाध धारा सुनिश्चित करने में मदद करेगी.’

इसे भी पढ़ें : रामदास सोरेन का श्राद्ध कर्म 28 अगस्त को, रजरप्पा के दामोदर में विसर्जित होंगी अस्थियां

Rivers Rejuvenation: झारखंड सरकार चला रही नदियों के संरक्षण के कार्यक्रम

झारखंड सरकार पहले से ही राज्य में नदियों के संरक्षण, पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण और प्रबंधन के लिए कई कार्यक्रम चला रही है. उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास है कि नदियों को बुनियादी ढांचे और शहरी विकास की प्राथमिकता सूची में रखा जाये. नदी तट विकास और एसटीपी के निर्माण, पौधारोपण सुनिश्चित करने और नदियों के आसपास पर्यावरण अनुकूल वातावरण बनाने के लिए काम चल रहा है.’

इसे भी पढ़ें : दुकान-दुकान भटक रहे किसान, नहीं मिल रही यूरिया, गुमला में 176363 हेक्टेयर में हो चुकी है धान की खेती

शहरी नदी प्रबंधन योजना तैयार करते समय जन-भागीदारी बढ़ानी चाहिए – सूरज कुमार

उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास है नदियों को इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के लिए प्राथमिकता सूची पर रखना. झारखंड में नमामि गंगे परियोजना के निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकायों को शहरी नदी प्रबंधन योजना तैयार करते समय जन भागीदारी बढ़ानी चाहिए और प्रत्येक हितधारक को शामिल करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें

रांची में स्वर्णिम भारत एक्सपो-2025, बोले राज्यपाल – यह भारत की वैज्ञानिक एवं शोध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन

नदी में मृत मिले सोनू की हुई थी हत्या, खूंटी पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

बोकारो में स्कूल से सटे पेड़ पर वज्रपात, 2 भाग में बंटा वृक्ष, रसोईया मूर्छित

JPSC पास करने वाली पहाड़िया समुदाय की पहली महिला को झारखंड पुलिस ने किया सम्मानित

7 दिन में 61 फीसदी कम बरसा मानसून, जानें अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >