एनडीआरएफ ने खदान में डूबे युवक का शव 3 दिन बाद निकाला, मच गयी चीख पुकार

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम में एक बंद खदान में 2 युवक 3 दिन पहले नहाने के लिए उतरे थे. इनमें से एक गहरे पानी में चला गया. दूसरे ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा. आखिरकार एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. एनडीआरएफ की टीम ने 2 दिन की मशक्कत के बाद युवक का शव मंगलवार को दिन में 2 बजे बाहर निकाला. इसके बाद वहां कोहराम मच गया.

Ranchi News Today: नामकुम (रांची), राजेश वर्मा : राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत करकट्टा गांव स्थित मधुकॉन कंपनी के बंद पड़े खदान में नहाने के दौरान डूबे समीर कुमार का शव तीसरे दिन मंगलवार को निकाला गया. एनडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत के बाद मंगलवार को दोपहर खदान के गहरे पानी से उसका शव खोज निकाला.

रविवार 12 बजे डूबे युवक का शव मंगलवार को 2 बजे निकाला

रविवार को दोपहर 12 बजे समीर अपने घर से निकला था. इसके बाद वह अपने 2 दोस्तों के साथ खदान घूमने गया. खदान में समीर एवं उसका दोस्त किट्टू नहाने लगा. इसी दौरान समीर गहरे पानी में चला गया. किट्टू ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बचा नहीं पाया.

एनडीआरएफ के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान खदान के पास जुटी ग्रामीणों की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

थाना प्रभारी ने वरीय अफसरों और NDRF को दी थी सूचना

युवक के डूबने की सूचना मिलते ही नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार टीम के साथ खदान पहुंचे. शव निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. घटना की जानकारी थाना प्रभारी ने वरीय अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीम को दी.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सोमवार सुबह 9 बजे से 5 बजे तक चला एनडीआरएफ का अभियान

सोमवार की सुबह साढ़े 9 बजे एनडीआरएफ की टीम पहुंची. उसके गोताखोरों ने शाम 5 बजे तक समीर के शव की खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला. मंगलवार सुबह दोबारा टीम खदान पहुंची और खोजबीन शुरू की. दोपहर 2 बजे के करीब टीम ने शव को बाहर निकाल लिया.

खदान के किनारे एनडीआरएफ के जवान और आसपास के लोग. फोटो : प्रभात खबर

खदान से शव बाहर निकलते ही मच गया कोहराम

खदान से शव के बाहर निकलते ही वहां कोहराम मच गया. परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रोने लगे. परिजन बार-बार समीर के साथ गये उसके दोस्तों को कोस रहे थे.

Viral Video: जंगल के राजा को सड़क पर हाथी ने पटक-पटककर मारा, दूर से ही देखता रहा शेरों का झुंड

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

एनडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकालने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि खदान की गहराई काफी ज्यादा है. उन्होंने युवाओं व आम जनता से अपील की है कि वे इस खदान में नहाने न जायें. परिजनों से कहा है कि अपने बच्चों को उधर जाने से रोकें.

इसे भी पढ़ें

पलामू के पूर्व विभाग संघ संचालक ध्रुव नारायण सिंह पंचतत्व में विलीन

20 अगस्त को झारखंड में आंधी-तूफान के साथ वर्षा का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का असर

Viral Video: कमजोर दिल वाले न देखें ये वीडियो, चूजे को खाने आये सांप का बाज ने खोद डाला

सुप्रीम कोर्ट से बाबूलाल मरांडी को झटका, डीजीपी नियुक्ति मामले पर सुनवाई से किया इनकार, झामुमो ने बोला हमला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >