इटकी बाजार को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग पर मंगलवार को बाजार समिति के अधिकारी बाजार की भूमि का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बाजार परिसर में लगने वाले दुकान, सब्जी मार्केट, शेड, बस स्टैंड, शौचालय आदि का जायजा लिया. निरीक्षण टीम में मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंधक निदेशक जीशान कमर, सचिव अनुज कुमार और बाजार समिति रांची के विपणन सचिव साधन कुमार शामिल थे. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की. जिसमें जन आंदोलन मंच के केंद्रीय अध्यक्ष मुर्तजा आलम ने बाजार भूमि का नक्शा दिखाकर अधिकारियों को इसकी जमीनी हकीकत से अवगत कराया. अधिकारी ने कहा कि उक्त जमीन अब बाजार समिति के अधीन नहीं है. सरकार द्वारा झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2022 के माध्यम से अधिसूचित बाजार क्षेत्र की अवधारणा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है. जबकि 2015 से ही तत्कालीन सरकार द्वारा बाजार शुल्क वसूली बंद कर दी गयी थी. अब झारखंड राज्य में खंडित बाजार का उन्मूलन कर दिया गया है. इसके बाद से बाजार की भूमि जिला प्रशासन के अधीन चली गयी है. ऐसे में जो भी कार्रवाई होगी, वह जिला प्रशासन कर सकता है. बाजार की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है तो आप मामले को जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं. इधर अधिकारियों द्वारा बाजार की भूमि के अतिक्रमण से संबंधित मामले पर हाथ खड़े करने पर मंच के अध्यक्ष मुर्तजा आलम ने मामले को लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है. मौके पर उरूज अंसारी, राजकुमार तिर्की, मंजर अंसारी, अबूमाज, मोहसिन मुमताज, संजय महतो, सईद अंसारी, अबरार इमाम, अहमद अंसारी, अब्बास अंसारी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.
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