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झारखंड में ऑनलाइन पढ़ाई मामला : करीब 13 फीसदी बच्चे को ही समझ में आती पढ़ाई, 29 फीसदी अब भी हैं इससे अनजान

कोरोना काल के बाद स्कूल बंद होने की स्थिति में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शुरू हुई. झारखंड में ऑनलाइन पढ़ाई की क्या स्थिति है, इसको लेकर भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने सर्वे किया. इस सर्वे में यह बात सामने आयी कि करीब 13 फीसदी बच्चों को ही ऑनलाइन पढ़ाई समझ में आती है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
झारखंड में ऑनलाइन पढ़ाई की स्थिति का संस्था ने किया सर्वे. 12.8% बच्चों को समझ में आती पढ़ाई.
झारखंड में ऑनलाइन पढ़ाई की स्थिति का संस्था ने किया सर्वे. 12.8% बच्चों को समझ में आती पढ़ाई.
सोशल मीडिया.

Jharkhand News (रांची) : कोराेना वायरस संक्रमण के कारण मार्च 2020 से स्कूल बंद है. हालांकि, पिछले दिनों 9वीं से ऊपर क्लास के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गया है, लेकिन उससे नीचे क्लास की पढ़ाई अभी भी स्कूलों में नहीं हो रही है. स्कूल बंद होने के कारण सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शुरू हुई. झारखंड में ऑनलाइन शिक्षा की क्या स्थिति है, इसको लेकर भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने सर्वे किया है. बता दें कि यह एक पंजीकृत समिति है. यह राष्ट्रीय साक्षरता मिशन अधिकरण (National Literacy Mission Tribunal) के द्वारा प्रायोजित समिति है.

इस सर्वे में यह बात सामने आयी है कि 12.8 फीसदी बच्चों को ही ऑनलाइन कक्षा की पढ़ाई समझ में आती है, जबकि 19.7 फीसदी बच्चे कभी-कभी ही कक्षा में बतायी बातों को ठीक से समझ पाते हैं. वहीं, 29.2 फीसदी बच्चों को ऑनलाइन क्लास के बारे में पता ही नहीं है. इस सर्वे में 93.1 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों के सीखने के स्तर में कमी आयी है.

13.6 फीसदी बच्चे स्मार्टफोन ऑपरेट नहीं कर पाते

समिति ने सर्वे में स्कूली बच्चों द्वारा स्मार्टफोन ऑपरेट करने को लेकर भी सवाल पूछा था. यह भी पूछा गया था कि क्या पिछले तीन माह में कभी ऐसा हुआ कि मोबाइल ऑपरेट नहीं कर पाने के कारण बच्चा क्लास नहीं कर पाया. इस पर 13.6 फीसदी बच्चों का कहना था कि उनके साथ हमेशा ऐसा होता है. वहीं, 31.9 फीसदी ने कहा कि कभी-कभी, 20 फीसदी ने कहा कि उनके साथ ऐसा नहीं होता, जबकि 34.5 फीसदी बच्चे कुछ नहीं बता पाये.

11.2 फीसदी बच्चे नेटवर्क समस्या से परेशान

सर्वे में 11.2 फीसदी बच्चों ने बताया कि क्लास करते समय उन्हें नेटवर्क की समस्या होती है. वहीं, 10.5 फीसदी बच्चों ने कहा कि कोई समस्या नहीं होती है. जबकि 40.5 फीसदी बच्चों का कहना था कि उन्हें कभी-कभी नेटवर्क समस्या का सामना करना पड़ता है.

बच्चों के सीखने के स्तर में आयी गिरावट

सर्वे में स्कूल बंद होने के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर को लेकर अभिभावकों से भी सवाल पूछे गये थे. 93.1 फीसदी अभिभावकों का मानना था कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान स्कूल बंद होने के कारण उनके बच्चों के सीखने के स्तर में कमी आयी है. मात्र 2.91 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों के समझ का स्तर बेहतर हुआ है.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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