Jharkhand Weather: झारखंड में संताल परगना के रास्ते 2 दिन देरी से आएगा मानसून, रांची में इस दिन से होगी बारिश

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून इस बार 2 दिन की देरी से आएगा. बंगाल से यह संताल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश करेगा. रांची में 16-17 को बारिश होगी.

Jharkhand Weather: केरल से चला मानसून फिलहाल सिलीगुड़ी-दार्जीलिंग के पास स्थिर हो गया है. धीरे-धीरे इसके सिक्किम की ओर बढ़ने की संभावना है. जबकि, दो दिन के अंदर ओड़िशा और छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने की उम्मीद जतायी गयी है.

Jharkhand Weather: बंगाल की तरफ से झारखंड में आएगा मानसून

झारखंड में पश्चिम बंगाल की तरफ से संताल परगना के रास्ते मानसून प्रवेश करेगा. लेकिन, इसके झारखंड पहुंचने में अब 2 दिन और विलंब होने की संभावना है. यानी झारखंड में अब मानसून के 16-17 जून को प्रवेश करने की संभावना है.

16-17 जून से पहले प्री मानसून बारिश की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार, 16-17 जून से पहले प्री मानसून बारिश होने की उम्मीद है. विभाग ने यह भी संभावना जतायी है कि जून में जितना विलंब से मानसून प्रवेश करेगा, उतना इसके सितंबर-अक्तूबर तक विस्तार की संभावना है.

कहीं बारिश, तेज हवा व वज्रपात, तो कहीं लू से लोग बेहाल

झारखंड के कई जिलों में तेज हवा व वज्रपात के बीच हल्की बारिश हो रही है, तो कहीं लू (HEAT WAVE) की स्थिति बनी हुई है. मौसम वैज्ञानिक भी मौसम के इस हाल पर सकते में हैं. पिछले 24 घंटे में धनबाद स्थित राजदाह में 40.3 मिमी और जमशेदपुर में 11 मिमी बारिश रिकॉर्ड किया गया है, जबकि पलामू-गढ़वा में लू चलने से लोग बेहाल हैं.

गढ़वा में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेंटीग्रेड

पलामू का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेसि रहा, वहीं गढ़वा व अन्य इलाकों में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया. बादल छाये रहने से उमस भी बढ़ी है. राज्य के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रहा. वहीं, बोकारो, खूंटी और सिमडेगा में तेज हवा के साथ-साथ वज्रपात व हल्की बारिश हुई है. कहीं-कहीं तो हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक रही.

रांची में 11 से 13 जून तक वर्षा की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जो झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की तरफ चल रहा है. इससे 7 जून को राज्य के दक्षिणी और मध्य भाग में दोपहर बाद हल्के बादल छाये रह सकते हैं. वहीं, रांची के कई क्षेत्रों में 11 से 13 जून तक बारिश होने की संभावना है.

प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान

शहरतापमान डिग्री सेसि में
गढ़वा43.9
सरायकेला41.6
पश्चिम सिंहभूम40.1
जमशेदपुर39.4
पलामू39.4
गोड्डा38.6
सिमडेगा38.4
रामगढ़38.4
खूंटी38.0
बहरागोड़ा38.0
देवघर37.7
गुमला37.4
चतरा37.2
पाकुड़37.1
हजारीबाग37.0
बोकारो36.6
लातेहार36.3
रांची36.2
गिरिडीह36.2
लोहरदगा36.2
जामताड़ा35.7
साहिबगंज34.9
धनबाद34.3

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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