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jharkhand news : टैक्स कलेक्शन एजेंसी के मामले ने पकड़ा तूल, मेयर ने आज बुलायी बैठक

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
टैक्स कलेक्शन एजेंसी के मामले ने पकड़ा तूल
टैक्स कलेक्शन एजेंसी के मामले ने पकड़ा तूल
प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची : नगर निगम ने तीन अक्तूबर को श्री पब्लिकेशन के साथ एग्रीमेंट किया था, लेकिन अब तक कंपनी ने काम शुरू नहीं किया है. ऐसे में पिछले एक माह से होल्डिंग का काम बंद होने से लोगों को भी होल्डिंग नंबर और ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. दूसरी ओर, टैक्स कलेक्शन नहीं होने से निगम के पास पैसे का संकट आ गया है.

रिम्स शासी परिषद की बुधवार को एक साल बाद आयोजित बैठक गहमागहमी के बीच संपन्न हुई. बैठक में शामिल होकर निकले सांसद संजय सेठ ने कहा कि एक सप्ताह में तीन बार एजेंडा बदला गया. परिषद के अध्यक्ष का यह कहना कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, यह चिंतनीय है.

इधर, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भूलवश कई एजेंडे शामिल हो गये थे. प्रस्ताव तैयार करने में थोड़ी गड़बड़ी की गयी. बिना अध्यक्ष के अनुमाेदन के कोई प्रस्ताव शासी परिषद के एजेंडा में शामिल नहीं होना चाहिए. सख्त निर्देश दिया गया है कि ऐसी गलती दोबारा न हो. एजेेंडा तैयार करने में हुई गलती की जांच होगी.

दो साल से सीटी स्कैन मशीन नहीं खरीदी जा सकी :

सांसद श्री सेठ ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन दो साल से खराब है, लेकिन मशीन खरीदने की सुध प्रबंधन को नहीं है. कोरोना काल मेें सीटी स्कैन मशीन का होना बेेहद जरूरी है. निजी अस्तपालों में संक्रमितों के इलाज में इसका उपयोग किया जा रहा है.

सांसद ने कहा कि अस्पताल परिसर के आसपास निजी अस्पतालों के बड़े-बड़े बैनर लगे होने से रिम्स अाने वाले गरीब मरीज भ्रमित हो जाते है. प्रशासन को इन्हें तत्काल हटाना चाहिए. इसके अलावा एजेंडा मेें नौकर व डोम आदि शब्द शामिल होने पर भी सांसद ने आपत्ति दर्ज करायी.

इससे पहले बुधवार सुबह 11:30 बजे प्रशासनिक भवन के सभागार में शासी परिशद की बैठक शुरू हुई, जिसमें सिर्फ सदस्याें को ही शामिल होने की अनुमति थी. एक-एक एजेंडा पर विस्तार से विचार किया गया. पिछले वित्तीय वर्ष के बजट का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इसपर कोई सहमति नहीं बनी. जीबी के सदस्यों ने अापत्ति दर्ज करते हुए कहा कि किसी योजना के मद में खर्च का बजट तैयार नहीं किया गया है.

ऐसे में बजट पास नहीं किया जा सकता. फंड कहां-कहां खर्च होगा, इसके विस्तृत प्रस्ताव के साथ प्राक्लन राशि का उल्लेख किया जाना चाहिए.

posted by : sameer oraon

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