साइबर हमले से जूझ रहे हैं झारखंड के उपायुक्त, तीन माह में 15 डीसी का फेक अकाउंट बना किया ठगी का प्रयास

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Jun 2022 7:24 AM

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झारखंड के उपायुक्त साइबर हमले की चपेट में हैं. बीते 3 माह में साइबर अपराधियों ने 15 डीसी की फर्जी प्रोफाइल बना ठगी का प्रयास किया. हाल ही रांची के डीसी छवि रंजन के नाम से भी ठगी का प्रयास किया गया

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रांची : झारखंड में जिलों के उपायुक्त साइबर हमले की चपेट में हैं. बीते तीन माह में सोशल मीडिया पर राज्य के 24 में से 15 जिले के डीसी का फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी के प्रयास के मामले सामने आ चुके हैं. ताजा मामला है रांची के उपायुक्त छवि रंजन के नाम पर व्हाटसएेप पर फेक आइडी बनाने का.

इसकी जानकारी मिलने पर प्रशासन ने आम लोगों से झांसे में नहीं आने की अपील की है. प्रशासन को यह सूचना मिली कि इस आइडी से लोगों को गुमराह किया जा रहा है. डीसी ने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय को देते हुए आमलोगों से अपील की है कि फेक आइडी के संपर्क में आने से बचें.

जानकारी के अनुसार रांची के अलावा पलामू, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, धनबाद, चाईबासा, गुमला, लातेहार, देवघर, जमशेदपुर, पाकुड़, लोहरदगा, हजारीबाग व कोडरमा के उपायुक्तों का फर्जी फेसबुक या व्हाट्सऐप प्रोफाइल तैयार कर लोगों से ठगी का प्रयास किया जा चुका है. राज्य के कृषि सचिव व पलामू के आयुक्त की फेक आइडी बना कर भी लोगों से संपर्क किया गया है.

डीजीपी व अन्य पुलिस अधिकारियों का भी फेक आइडी बना :

डीजीपी, कोल्हान डीआइजी, कोडरमा एसपी समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारियों का भी फर्जी प्रोफाइल सोशल मीडिया पर ठगी करने की कोशिश की गयी है. हालांकि, उपायुक्त समेत अन्य बड़े अधिकारियों के नाम पर ठगी का प्रयास सफल होने की कोई सूचना अब तक नहीं है.

फोटो चुरा कर तैयार होता है फर्जी प्रोफाइल :

फेसबुक और व्हाट्सऐप एकाउंट से फोटो की चोरी कर फेक प्रोफाइल तैयार किया जाता है. फर्जी प्रोफाइल बना कर उसके जरिये यूजर के परिचितों से पैसों की मांग की जाती है. कई बार अपराधी फेसबुक को हैक कर भी यूजर के प्रोफाइल को यूज करते हैं और यूजर को इसकी जानकारी भी नहीं मिलती है.

सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर विदेशी या फिर अनजान नंबर से व्हाट्सऐप पर भी फेक प्रोफाइल तैयार कर परिचितों से राशि की मांग की जाती है. व्हाट्सऐप पर भी ठगी के प्रयास के लिए फेसबुक या अन्य सोशल साइटों का सहारा लेकर दोस्तों या परिचितों का मोबाइल नंबर हासिल किया जाता है.

पकड़े नहीं जाते अपराधी :

बड़े अफसरों व नेताओं की फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी का प्रयास करनेवाले अपराधी नहीं पकड़े जाते हैं. सोशल मीडिया पर बड़े लोगों का फर्जी प्रोफाइल बनाने के मामले में अब तक इक्का-दुक्का अपराधी ही पकड़े गये हैं. राज्य के दर्जन भर से अधिक उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों की फेक प्रोफाइल तैयार करनेवालों को नहीं पकड़ा जा सका है. हालांकि, पिछले दिनों डीजीपी का फर्जी प्रोफाइल बनाने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

Posted By: Sameer Oraon

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