रांची : 10 साल में भी नहीं हुआ 529 स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण
Updated at : 23 Apr 2019 8:41 AM (IST)
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संजय कुल 91 का काम बंद 620 बन कर बेकार डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है कारण रांची : स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभाग राज्य भर में 1870 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एचएससी) का निर्माण करा रहा है. एक हजार करोड़ से अधिक की […]
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संजय
कुल 91 का काम बंद 620 बन कर बेकार
डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है कारण
रांची : स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभाग राज्य भर में 1870 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एचएससी) का निर्माण करा रहा है.
एक हजार करोड़ से अधिक की लागत से 163 सीएचसी, 237 पीएचसी तथा 1470 एचएससी का निर्माण किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2007-08 से यह निर्माण शुरू हुआ है. इधर, केंद्र (एनएचएम) तथा राज्य सरकार के फंड से विभाग के इंजीनियरिंग सेल तथा जिला एजेंसियों द्वारा बनाये जा रहे 56 सीएचसी, 88 पीएचसी तथा 385 एचएससी (कुल 529) का निर्माण गत 10-11 वर्षों के बाद भी पेंडिंग है.
इनकी लागत में हर वर्ष करीब 10 फीसदी का इजाफा हो रहा है. उधर, योजना शुरू होने के करीब 10 वर्ष बाद भी कुल 91 (सीएचसी-12, पीएचसी-12 तथा एचएससी-67) स्वास्थ्य केंद्रों का काम जमीन नहीं मिलने सहित अन्य कारणों से या तो शुरू ही नहीं हुआ या फिर शुरू होकर बंद है. वहीं केंद्रीय राशि (एनएचएम) से बनने वाले 680 एचएससी में से 58 का फंड विभिन्न कारणों व कमियों के कारण विभाग को लौटा दिया गया है.
निर्माण की दर व कुल लागत (वास्तविक)
स्वास्थ्य केंद्र संख्या लागत/यूनिट कुल लागत
एसएचसी (दो बेड) 1470 0.22 करोड़ 323.40 करोड़
पीएचसी (छह बेड) 237 1.29 करोड़ 305.73 करोड़
सीएचसी (30 बेड) 163 3.53 करोड़ 575.39 करोड़
हैंडअोवर नहीं, जो हैंडअोवर वह संचालित नहीं
विभिन्न जिलों में पूर्ण पर हैंडओवर नहीं किये गये 226 (सीएचसी-11, पीएचसी-24 तथा एचएससी-191) तथा विभाग को हैंडओवर पर असंचालित 394 (सीएचसी-39, पीएचसी-69 तथा एचएससी-286) यानी कुल 620 केंद्र बेकार पड़े हैं. यहां ताला लगा है. चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण ऐसी स्थिति हुई है. लोहरदगा के कैरो प्रखंड का सीएचसी शुरू नहीं होने से बर्बाद हो रहा है.
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