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एशिन गेम्स : 50 पहुंची भारत के पदकों की संख्या, मधुमिता रजत जीतनेवाली झारखंड की पहली तीरंदाज, 10 लाख देगी सरकार

Updated at : 29 Aug 2018 6:51 AM (IST)
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एशिन गेम्स : 50 पहुंची भारत के पदकों की संख्या, मधुमिता रजत जीतनेवाली झारखंड की पहली तीरंदाज, 10 लाख देगी सरकार

कांटे की टक्कर में दक्षिण कोरिया से हार महिला तीरंदाजों ने गंवाया सोना जकार्ता : तीरंदाजी में भारतीय महिला और पुरुष कंपाउंड टीमें कोरिया से हार गयीं और रजत पदक से संतोष करना पड़ा. पुरुषों का मुकाबला 229-229 से टाइ हो गया था. लेिकन शूटआउट में कोिरयाई टीम जीत गयी. वहीं, मुस्कान किरार, झारखंड की […]

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कांटे की टक्कर में दक्षिण कोरिया से हार महिला तीरंदाजों ने गंवाया सोना
जकार्ता : तीरंदाजी में भारतीय महिला और पुरुष कंपाउंड टीमें कोरिया से हार गयीं और रजत पदक से संतोष करना पड़ा. पुरुषों का मुकाबला 229-229 से टाइ हो गया था. लेिकन शूटआउट में कोिरयाई टीम जीत गयी. वहीं, मुस्कान किरार, झारखंड की मधुमिता कुमारी और ज्योति सुरेखा वेन्नाम की महिला टीम भी करीबी मुकाबले में कोरियाई टीम से 228-231 से हार गयी.
रांची विवि स्पेशल एग्जाम लेगा : एशियन गेम्स की तैयारी और जकार्ता जाने के कारण तीरंदाज मधुमिता इस बार स्नातक पार्ट टू की परीक्षा नहीं दे पायी, लेकिन रांची विश्वविद्यालय मधुमिता के वापस आने पर स्पेशल परीक्षा का आयोजन करेगा. मधुमिता रांची विवि के सिल्ली कॉलेज में बीए पार्ट टू की छात्रा है. विवि की ओर से एक अगस्त से 21 अगस्त तक स्नातक पार्ट टू की परीक्षा आयोजित की गयी थी.
एशियन गेम्स की वजह से मधुमिता की परीक्षा छूट गयी थी. सिल्ली कॉलेज के सचिव डॉ मुकुंद चंद्र मेहता ने बताया कि परीक्षा से पहले मधुमिता कुलपति से मिली थी और स्पेशल परीक्षा लेने के लिए आवेदन दिया था, जिसे कुलपति ने स्वीकृत कर लिया. अब मधुमिता के वापस आने पर स्नातक पार्ट टू की स्पेशल परीक्षा ली जायेगी.
कुलपति व प्रतिकुलपति ने दी बधाई
रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडे व प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने एशियन गेम्स में पदक जीतने पर मधुमिता को बधाई दी है. इनके अलावा कुलसचिव डॉ एके चौधरी, डीएसडब्ल्यू डॉ पीके वर्मा ने रजत पदक विजेता को बधाई दी.
मधुमिता से काफी उम्मीदें हैं : जितेंद्र नारायण सिंह
घाटोटांड़. मधुमिता के पिता जितेंद्र नारायण सिंह, बड़े भाई चंद्रशेखर सिंह, कोच राजीव रंजन सिंह ने कहा कि मात्र तीन अंक से वह गोल्ड मेडल से चूक गयी. उम्मीद है कि वह और मेहनत कर देश का गौरव बढ़ाएगी. आज वह देश का गौरव बन हमें गौरवान्वित किया है.
हवा के कारण निशाना चूका : मधुमिता
सिल्ली : भारतीय महिला तीरंदाजी कंपाउंड टीम केवल तीन अंक से गोल्ड मेडल से चूक गयी. मधुमिता कुमारी एशियन गेम्स में रजत पदक जीतनेवाली झारखंड की पहली महिला खिलाड़ी बन गयी है.
फाइनल मैच के बारे में मधुमिता ने प्रभात खबर से विशेष बात की. मधुमिता ने कहा कि फाइनल मैच के शुरुआत में हम आगे चल रहे थे. लेकिन तीसरे राउंड में हम पीछे हो गये. मेरा लास्ट शॉट हवा के कारण थोड़ा हिल गया. जिसके कारण पीले निशान पर तीर नहीं लग पाया. अगर हवा नहीं होती तो गोल्ड मेडल हमारा होता. अगली बार मेरा निशाना एशियन गेम्स में गोल्ड पर होगा.
मंजीत ने 800 मीटर में 1982 के बाद दिलाया पहला सोना
जकार्ता. एथलीट मंजीत सिंह ने 800 मीटर दौड़ में हमवतन जिनसन जॉनसन को हरा स्वर्ण पदक जीत लिया है. भारत ने 800 मीटर में आखिरी बार 1982 दिल्ली एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था.
रजत जीतनेवाली पहली भारतीय शटलर बनी सिंधु
जकार्ता : एशियन गेम्स के बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में पीवी सिंधु ने हार कर भी इतिहास रच दिया. सिंधु ने फाइनल में चीनी ताइपे की ताई जू युंग ने 21-13, 21-16 से हार गयी. सिंधु एशियाई खेलों में बैडमिंटन के इतिहास में रजत पदक जीतनेवाली पहली भारतीय बनी. एकल स्पर्धा में सैयद मोदी (1982) व साइना नेहवाल (2018) ने कांस्य जीता था.
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