मांडू से फिरोज खान की रिपोर्ट
मांडू की धरती ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तीन स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय मोतीराम ठाकुर, स्वर्गीय डॉ. चेतलाल तेली और स्वर्गीय रामदयाल देव मुनि को जन्म दिया. लेकिन इन वीर सपूतों की स्मृति में स्थापित शिलापट्ट को किनारे कर दिये जाने से उनके परिजनों में नाराजगी है.
स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की उपेक्षा का आरोप
स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय मोतीराम ठाकुर के पोते परमेश्वर कुमार शर्मा ने जिला एवं प्रखंड प्रशासन पर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति और सम्मान की उपेक्षा का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में लगाया गया शिलापट्ट उपेक्षित स्थिति में है. यह स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के अनुरूप नहीं है.
प्रमुख स्थान पर शिलापट्ट लगाने की मांग
श्री शर्मा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र देकर शिलापट्ट को उचित और सम्मानजनक स्थान पर स्थापित करने की मांग की गयी थी. उन्होंने मांडू प्रखंड मुख्यालय के सामने किसी प्रमुख स्थान पर तीनों स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में शिलापट्ट लगाने की मांग की, ताकि आम लोगों और नयी पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी मिल सके.
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बोले- तीन स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म मांडू के लिए गौरव
उन्होंने कहा कि मांडू के लिए यह गौरव की बात है कि यहां जन्मे तीन लोगों ने देश की आजादी के संघर्ष में योगदान दिया. ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करना प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी है.
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अनशन की चेतावनी
शर्मा ने जिला एवं प्रखंड प्रशासन से जल्द शिलापट्ट को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन आंदोलन और अनशन करने को विवश होंगे.
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