मनीष कुमार की रिपोर्ट पलामू . जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के सरकारी दावों की हकीकत बारिश के मौसम में सामने आ रही है. प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य विद्यालय नामुदाग तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को जलजमाव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है बारिश शुरू होते ही स्कूल जाने वाला कच्चा रास्ता जलमग्न हो जाता है, जिससे बच्चों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
घुटने तक पानी में पहुंचते हैं स्कूल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार थोड़ी सी बारिश होते ही विद्यालय के मुख्य रास्ते पर घुटने से ऊपर तक पानी जमा हो जाता है. रास्ता पूरी तरह जलमग्न होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है. इस दौरान कई बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस, किताबें और स्कूल बैग भीग जाते हैं. भीगे कपड़ों में बच्चों को पूरे दिन कक्षा में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. ग्रामीणों ने बताया कि इससे बच्चों में बुखार, त्वचा संबंधी समस्या और संक्रमण का खतरा भी बना रहता है.
ये भी पढ़ें: नीलगायों के आतंक से किसान परेशान, रातों-रात तिल,अरहर और मकई की फसलें रौंदी
अभिभावकों में नाराजगी
अभिभावकों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह समस्या हर वर्ष सामने आती है. रास्ते के निर्माण के लिए कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई गई तथा आवेदन भी दिये गये, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. जलजमाव अधिक होने पर अभिभावक सुरक्षा के कारण बच्चों को स्कूल भेजने से भी कतराते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ता तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: राजहरा में दो ट्रेलरों की टक्कर, केबिन में फंसा चालक; काफी मशक्कत के बाद निकाला गया
शिक्षकों को भी होती है परेशानी
खराब रास्ते का असर शिक्षकों पर भी पड़ रहा है.दोपहिया वाहन से विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों को कई बार वाहन दूर खड़ा कर पानी और कीचड़ के बीच पैदल स्कूल जाना पड़ता है. कीचड़ में वाहन फंसने की समस्या भी बनी रहती है. शिक्षकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में समय पर विद्यालय पहुंचना और बच्चों के लिए बेहतर पठन-पाठन का माहौल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है.जल्द सड़क निर्माण की मांग स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की है.
