अमड़ापाड़ा : अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बासमती गांव के जामटोला निवासी 42 वर्षीय सरस्वती देवी का शव मंगलवार को पश्चिम बंगाल के जंगीपुर स्थित फेरी घाट के समीप गंगा नदी से बरामद किया गया. वह रविवार को चांदपुर फीडर कैनाल में गंगा स्नान के दौरान लापता हो गई थीं. शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन जंगीपुर पहुंचे. स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला गया. महिला का शव मिलने की खबर के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.
पूजा के दौरान तेज बहाव की चपेट में आईं
बताया गया कि रविवार सुबह करीब 7:30 बजे सरस्वती देवी अपने पति श्यामसुंदर पंडित के साथ बाइक से चांदपुर फीडर कैनाल में गंगा स्नान के लिए गई थीं. दोनों ने स्नान करने के बाद वहीं पूजा-पाठ शुरू किया था. इसी दौरान सरस्वती देवी अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं और गहरे पानी में चली गईं. पति श्यामसुंदर पंडित की आंखों के सामने देखते ही देखते वह पानी में लापता हो गईं. पत्नी को बचाने के लिए पति ने तत्काल पानी में उतरकर काफी देर तक तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.
दो दिनों तक घाटों पर होती रही तलाश
घटना के बाद से ही परिजन महिला की तलाश में जुट गए थे. चांदपुर फीडर कैनाल से जंगीपुर की ओर बहने वाली गंगा नदी के रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न घाटों पर लगातार खोजबीन की जा रही थी. परिजन संभावित स्थानों पर पहुंचकर स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरों की मदद से नदी में तलाश करते रहे.
जंगीपुर में ग्रामीणों ने देखा शव
मंगलवार को जंगीपुर के ग्रामीणों ने गंगा नदी में एक शव को बहते हुए देखा और इसकी सूचना परिजनों को दी. इसके बाद परिजन जंगीपुर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों एवं मछुआरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला.
कागजी कार्रवाई के बाद होगा अंतिम संस्कार
मृतका के भाई श्याम पाल ने बताया कि जंगीपुर स्थानीय प्रशासन की आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा. सरस्वती देवी अपने पीछे पति श्यामसुंदर पंडित, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गई हैं. घटना के बाद से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं बासमती गांव में भी मातम पसरा हुआ है.
