कोल वर्कर्स यूनियन मजदूरों की ताकत है : सचिव

छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन को लेकर हाल में दिये गये विवादित बयानों के जवाब में इंटक के हेसल डंपिंग यार्ड सचिव हातिम अंसारी ने तीखा पलटवार किया है.

लोहरदगा. छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन को लेकर हाल में दिये गये विवादित बयानों के जवाब में इंटक के हेसल डंपिंग यार्ड सचिव हातिम अंसारी ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि यह यूनियन केवल और केवल मजदूरों की सेवा के लिए बनी है और इसे किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए बदनाम करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. श्री अंसारी ने कहा कि जो नेता आज यूनियन को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले खुद अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेता पहले ही कांग्रेस पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं और पार्टी कार्यालय में आज भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज है. विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव के खिलाफ काम करना इनका पुराना इतिहास रहा है. यह वही लोग हैं, जो जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं. पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण इन्हें हाल में शोकॉज नोटिस भी भेजा गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता भाजपा की बी टीम की तरह काम कर रहे हैं और जिन लोगों ने इन पर भरोसा किया, उन्होंने उनकी पीठ में ही छुरा घोंपा है. श्री अंसारी ने यह भी कहा कि ऐसे लोग दूसरे कार्यकर्ताओं से जासूसी कराने की कोशिश करते हैं और यूनियन में फूट डालने का काम कर रहे हैं.

इंटक की इतिहास और वैधता पर जोर

इंटक के इतिहास की चर्चा करते हुए अंसारी ने बताया कि स्वर्गीय रामानुजन की मृत्यु के बाद जब संजीबा रेड्डी संगठन को दिशाहीन कर रहे थे, तब रांची अधिवेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ अनुचित शब्दों का प्रयोग किया गया था. उसी समय भारत भर के प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चंद्रशेखर दुबे को इंटक का अध्यक्ष चुना. उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से अब तक दुबे गुट संगठन को मजबूती से चला रहा है. भारत सरकार ने भी इस संगठन को मान्यता दी है. संजीबा रेड्डी द्वारा दाखिल याचिका CSOS 2348/2010 को अदालत ने खारिज कर दिया था. वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली हाईकोर्ट में केस लंबित है (CSOS 384/2019), जिसमें दुबे ग्रुप ही याचिकाकर्ता है.

हमारा संगठन केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त

श्री अंसारी ने कहा कि केंद्रीय श्रम आयुक्त, राष्ट्रीय प्राधिकारण कोलकाता, सहित तमाम सरकारी बैठकों में दुबे ग्रुप को आमंत्रित किया जाता है. इंटक के चुनाव केवल डेलीगेट्स के माध्यम से होते हैं और इसमें किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं चलती.

मजदूरों के हक की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे

हातिम अंसारी ने कहा कि कुछ लोग हिंडाल्को से लाभ लेने की होड़ में मजदूरों को गुमराह कर रहे हैं. ऐसे लोगों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने अब तक मजदूरों के लिए क्या किया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी वार्षिक अधिवेशन में सभी सच्चाइयां सामने आ जायेंगी और मजदूर अब किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं.हम हमेशा मजदूरों के साथ थे, हैं और रहेंगे, जो लोग अदालत के फैसले की बात करते हैं, उन्हें खुद ही प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है.

कांग्रेस नेतृत्व जानता है किसने दिया है समर्पण

अंत में अंसारी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व भलीभांति जानता है कि किसने पार्टी को जिंदगी भर समर्पित किया है और कौन हर चुनाव में रंग बदलता रहा है. उन्होंने कहा कि जो नेता आज सवाल खड़े कर रहे हैं, वे जनता के नहीं, सिर्फ किसी खास नेता के हित में काम कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anuj singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >