नहाय-खाय के साथ आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू

नहाय-खाय के साथ आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू

लोहरदगा़ लोक आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू हो गया है. पूरे जिले में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण व्याप्त है. जगह-जगह छठ गीतों की मधुर धुनों से माहौल भक्तिमय हो गया है. बाजारों में रौनक बढ़ गयी है. लोग छठ की तैयारी में जुटे हैं. कोई कद्दू-भात के लिए सब्जी खरीद रहा है, तो कोई दूध और पूजा सामग्री के इंतजाम में लगा है. महिलाएं प्रसाद के लिए गेहूं सुखाने और ठेकुआ बनाने में व्यस्त हैं. हर ओर उत्साह और पवित्रता का माहौल है. जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन छठ को लेकर सक्रिय : जिला प्रशासन ने भी पर्व को लेकर पूरी तैयारी कर ली है. छठ घाटों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है. डीसी कुमार ताराचंद, एसपी सादिक अनवर रिजवी, एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा और नगर परिषद प्रशासक मुक्ति किंडो सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा और स्वच्छता की समीक्षा की है. छठ पूजा सामाजिक समरसता का संदेश देता है : चार दिवसीय यह पर्व शनिवार से शुरू होकर मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ संपन्न होगा. छठ पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया की उपासना का पर्व है. सूर्य देव को जीवन का आधार माना गया है. पहले दिन ‘नहाय-खाय’ से आरंभ होकर दूसरे दिन ‘खरना’, तीसरे दिन ‘संध्या अर्घ’ के बाद चौथे दिन ‘प्रातः अर्घ’ से व्रत का समापन होता है. इस दौरान व्रती कठोर नियमों का पालन करते हुए पूर्ण सात्विकता, शुचिता और संयम बनाये रखते हैं. पूजा में बांस का सूप, ठेकुआ, फल, नारियल और गन्ने जैसी प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है. छठ पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का प्रतीक है. यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का भी संदेश देता है. जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठकर सभी लोग घाटों पर एकत्र होकर सूर्य उपासना में शामिल होते हैं. छठ पूजा भारतीय संस्कृति की अनमोल परंपरा : हर ओर छठी माई के जयकारे गूंज रहे हैं. कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क पूजन सामग्री, लाल गेहूं, फल और नारियल का वितरण किया जा रहा है. छठ पूजा भारतीय संस्कृति की उस अनमोल परंपरा का उत्सव है, जो मानव और प्रकृति के अटूट संबंध को दर्शाती है. हर कोई इसमें अपनी भागीदारी निभाना चाहता है. यह पर्व श्रद्धा, शुद्धता और समर्पण का प्रतीक बनकर हर दिल को भक्ति से सराबोर कर रहा है.

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By Shailesh ambashtha

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