अरशद आजमी की रिपोर्ट
बारियातू (लातेहार). फुलसू पंचायत के मुक्की गांव की एक बिरहोर महिला के प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है. परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर समुचित देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया है.
नवजात को सांस लेने में परेशानी
बताया गया कि बुधवार शाम महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे फुलसू आयुष्मान आरोग्य मंदिर ले गये. यहां एएनएम पिंगल कुमारी ने महिला का प्रसव कराया. गुरुवार सुबह नवजात को सांस लेने में परेशानी होने लगी. परिजनों का आरोप है कि इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मी को देने के बावजूद समय पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों की मदद से जच्चा और बच्चा को सीएचसी बालूमाथ ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने नवजात की स्थिति को देखते हुए उसे लातेहार रेफर कर दिया.
भोजन नहीं देने का भी आरोप
परिजनों ने फुलसू आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कर्मियों पर प्रसव के समय महिला को भोजन नहीं देने और नवजात की समुचित देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया है. वहीं आंगनबाड़ी सेविका पर गर्भावस्था के दौरान पोषण आहार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया.
क्या कहती हैं सेविका और एएनएम
आंगनबाड़ी सेविका सुधा देवी ने बताया कि बिरहोर परिवार के किसी सदस्य का आधार कार्ड नहीं है. इस कारण पोषण आहार और टीकाकरण उपलब्ध कराने में परेशानी होती है. एएनएम पिंगल कुमारी ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को सांस लेने में दिक्कत हुई थी. केंद्र में आवश्यक व्यवस्था नहीं होने के कारण परिजनों को नवजात को लातेहार ले जाने की सलाह दी गयी थी.
