पंचायतों में नहीं लगा इंटरनेट

सब्जबाग . सालभर पहले दिखाया गया था सपना... बिजली व इंटरनेट की मुकम्मल व्यवस्था होने की बात कही गयी थी ऑप्टीकल फाइबर से जोड़ने की याेजना थी अब तक टेंडर भी नहीं निकाला जा सका है जामताड़ा : साल भर पहले झारखंड सरकार ने सब्जबाग दिखाया था कि पंचायत हाइटेक होंगे. इसके लिए टेंडर निकाला […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2017 6:04 AM

सब्जबाग . सालभर पहले दिखाया गया था सपना

बिजली व इंटरनेट की मुकम्मल व्यवस्था होने की बात कही गयी थी
ऑप्टीकल फाइबर से जोड़ने की याेजना थी
अब तक टेंडर भी नहीं निकाला जा सका है
जामताड़ा : साल भर पहले झारखंड सरकार ने सब्जबाग दिखाया था कि पंचायत हाइटेक होंगे. इसके लिए टेंडर निकाला जायेगा. बिजली व इंटरनेट की मुकम्मल व्यवस्था होगी. आज तक यह नहीं हो पाया. अब गुरुवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कहा है कि 20 फरवरी तक राज्य के 1417 पंचायत में यह व्यवस्था पूरी होनी चाहिए. हालांकि किन किन जिले के ये पंचायत हैं इसका जिक्र नहीं किया है. लेकिन जो भी हो अब तक तो यह सपना ही रह गया.
वर्ष 2016 में भी सरकार ने बड़ी मजबूती से सपना दिखाया था कि पंचायतों को ऑप्टीकल फाइबर से जोड़ा जायेगा. ये तार कहां है इसका कोई ठिकाना नहीं है. वैसे जामताड़ा जिले के सभी पंचायत का सर्वे वीएलइ द्वारा करा लिया गया है. जबतक टेंडर नहीं निकलता, तबतक कैसे काम शुरु हो सकता है.
पंचायतों में नेटवर्क की होती है परेशानी
जिले के अधिकतर पंचायत भवनों में नेट वर्क का अभाव रहने के कारण प्रज्ञा संचालकों को काम करने में परेशानी होती है. फलस्वरुप प्रज्ञा संचालाकों को पंचायत भवन में न बैठ कर जहां नेटवर्क मिलता है, वहीं संचालक अपना काम कर रहे हैं. इससे लोगों को भी प्रज्ञा संचालकों को खोजने में भी परेशानी होती है. प्रज्ञा संचालक पंचायत भवन में बैठते नहीं है.
118 पंचायतों में 116 प्रज्ञा संचालक है कार्यरत
जिले में 118 पंचायत है, जिसमें से 116 प्रज्ञा संचालक कार्यरत है. दो प्रज्ञा संचालकों को शिकायत मिलने के बाद हंटा दिया गया है. सूत्र बताते हैं कि 116 पंचायतों में आधे पंचायत भवन में ही नेटवर्क मिलता है. किसी प्रकार काम होता है. नेटवर्क का जो स्पीड होता है वो नहीं मिल पाता है.
क्या कहते हैं ई डिस्ट्रीक मेनेजर
ई डिस्ट्रीक मेनेजर बीरजू राम ने कहा कि पंचायत भवनों में ओप्टकल फाइबर बिछाने के लिए पंचायतों का सर्वे का काम हो चुका है. रांची से टेंडर निकलेगा तभी ओप्टीकल फाइबर बिछने का काम शुरु हो जायेगा.कहा कि प्रज्ञा संचालकों से जिस भी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दे रहे हैं, वो जरुर पावती रसीद ले लें. आवेदन के लिए वही प्रमाण होता है.