मां चंचला महोत्सव 2026 : कलश पूजन संपन्न, शहर में आज निकलेगी भव्य कलश यात्रा

पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध झांकी दल पारंपरिक ढाक-ढोल के साथ प्रस्तुति देंगे. मां चंचला मंदिर की विशेष पुष्प व साज-सज्जा से दिव्य व अलौकिक माहौल का सृजन हुआ.

जामताड़ा. मां चंचला का तीन दिवसीय 13वां वार्षिक महोत्सव 2026 के पावन उपलक्ष्य में, मां चंचला मंदिर प्रांगण से निकाली जाने वाली भव्य कलश शोभा यात्रा को लेकर गुरुवार को कलश पूजन एवं कलश साज-सज्जा का आयोजन पूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ. इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में वीरेंद्र मंडल उपस्थित रहे. वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजन कर जगतजननी मां चंचला से जामताड़ा सहित समस्त प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की गयी. कलश यात्रा के लिए हजारों कलशों को वैदिक परंपरा अनुसार पवित्र जल, सुपाड़ी, आम पत्र एवं पुष्पों से सुसज्जित किया गया. आयोजन समिति के अनुसार, शुक्रवार को प्रातः 8 बजे मां चंचला मंदिर प्रांगण, जामताड़ा से भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक मां चंचला कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी. इसमें 40 हजार माताओं-बहनों द्वारा कलश उठाए जाने व कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. महोत्सव को लेकर पूरे जामताड़ा शहर को विशेष लाइटिंग, तोरण द्वार एवं धार्मिक ध्वजों से सजाया गया है. मां चंचला मंदिर को भी विशेष पुष्प एवं साज-सज्जा से दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में जगमगा उठा है. मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने कहा कि शुक्रवार को कलश शोभा यात्रा जामताड़ा को अयोध्या, काशी एवं मथुरा जैसा धार्मिक वातावरण प्रदान करेगी. मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन लाल वर्मन, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रीना कुमारी बतौर स्वयंसेवक उपस्थित रहे.

कलश यात्रा में अग्रिम पंक्ति में पांच प्रबुद्धजन धार्मिक ध्वज लेकर चलेंगे :

मां चंचला त्रिदिवसीय त्रयोदश वार्षिक महोत्सव 2026 की कलश शोभा यात्रा में अनुशासन एवं धार्मिक गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यात्रा का क्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है. सबसे अग्रिम पंक्ति में पांच प्रबुद्धजन धार्मिक ध्वज लेकर चलेंगे. इसके पश्चात डीजे रथ, फिर 101 वरिष्ठजन धार्मिक ध्वज के साथ यात्रा का नेतृत्व करेंगे. इसके उपरांत पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध झांकी दल पारंपरिक ढाक-ढोल के साथ प्रस्तुति देगा. इसके बाद मां चंचला का रथ, फिर पुरुष झांकी दल शामिल रहेगा. इसके पश्चात मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल स्वयं कलश लेकर चलेंगे. उनके पीछे मां चंचला मंदिर के 21 पुरोहित धार्मिक ध्वज के साथ चलेंगे. इसके बाद हजारों की संख्या में माताएं-बहनें सिर पर कलश धारण कर शोभा यात्रा में सम्मिलित होंगी. शोभा यात्रा के अंतिम चरण में बैंड-बाजे के साथ झांकी दल शामिल रहेगा. महोत्सव समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष मेडिकल व्यवस्था की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BINAY KUMAR

BINAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >