नाला में मां मालंचा की वार्षिक पूजा, मेला का उठाया आनंद

मैदान परिसर में लगा मेला देखने के लिए देवजोड़, मालडीहा, कुरलजोड़िया, सारेसकुंडा, भूली, मागुरा आदि गांवों से काफी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए.

By BINAY KUMAR | January 15, 2026 11:41 PM

नाला. प्रखंड क्षेत्र का धार्मिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल मां मालंचा आज भी आस्था के स्थल के रूप में प्रसिद्ध है. मालंचा पहाड़ की तराई पर स्थित मंदिर में विराजमान मालंचा देवी की वार्षिक पूजा गुरुवार को विधि-विधान पूर्वक की गयी. जानकारी हो कि इस वर्ष भी बांग्ला माघ माह की पहली तिथि को मालंचा देवी की वार्षिक पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की गयी. पुरोहित मोहन भट्टाचार्य के सान्निध्य में पंच देवता का पूजन, हवन सहित सभी वैदिक कर्मकांड संपन्न किए गए. इस दौरान मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा बकरे की बलि दी गयी. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया. इसे लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है. पूजा-अर्चना के अलावा मैदान परिसर में लगा मेला देखने के लिए देवजोड़, मालडीहा, कुरलजोड़िया, सारेसकुंडा, भूली, मागुरा सहित आसपास के गांवों से काफी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए. जानकारी हो कि 23 जनवरी को मालंचा देवी की अष्टमंगला पूजा करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. उसी परंपरा के अनुसार पूजा की जाएगी. इस दिन पहाड़ की तलहटी पर लगे विशाल मेला का लुत्फ़ उठाने के लिए क्षेत्र के अलावा दूर-दराज एवं पश्चिम बंगाल से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. पहाड़ पर चढ़ने और यहां से नजारा देखने को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह रहता है. उल्लेखनीय है कि अपने घर परिवार की सुख शांति समृद्धि एवं संतानों की खुशहाली एवं तरक्की के लिए मां के दरबार में मिट्टी से निर्मित घोड़े का भी अर्पण किया गया. मालूम हो कि इस साल मंदिर से थोड़ी दूर नेचर पार्क का लोकार्पण किया गया है. पूजा-अर्चना के पश्चात काफी संख्या में लोगों ने परिवार एवं बाल बच्चों का साथ पर्यटन स्थल का भ्रमण किया.

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