करमदहा मेला में अश्लील नृत्य पर बवाल, लोगों में नाराजगी
मेला शुरू होते ही चित्रहार के नाम पर बार-बालाओं द्वारा किये जा रहे कथित अश्लील नृत्य को लेकर क्षेत्र में तीव्र नाराजगी देखने को मिल रही है.
नारायणपुर. प्रखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध दुखिया बाबा मंदिर परिसर में गुरुवार से 15 दिवसीय मकर संक्रांति मेला का शुभारंभ हुआ है. मेला शुरू होते ही चित्रहार के नाम पर बार-बालाओं द्वारा किये जा रहे कथित अश्लील नृत्य को लेकर क्षेत्र में तीव्र नाराजगी देखने को मिल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि करमदहा मेला प्राचीन काल से धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसके स्वरूप में लगातार गिरावट आयी है. ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चित्रहार के नाम पर खुलेआम फूहड़ और अश्लील नृत्य प्रस्तुत किये जा रहे हैं, जिससे मेला की गरिमा धूमिल हो रही है. मेला परिसर में बच्चों और महिलाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रहती है. ऐसे में इस तरह के कार्यक्रमों का उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि अश्लीलता के कारण मेला अब धार्मिक और पारिवारिक आयोजन की बजाय मनोरंजन के नाम पर गलत दिशा में जा रहा है. लोगों ने अश्लील कार्यक्रमों पर तत्काल रोक लगाने और पारंपरिक लोक-संस्कृति को बढ़ावा देने की मांग की है, ताकि करमदहा मेला अपनी पुरानी पहचान और गरिमा को पुनः प्राप्त कर सके.
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