जिस स्थान पर बच्चे का जन्म, उसी क्षेत्र से प्रमाण पत्र निर्गत होगा : प्रशिक्षक
जिला सांख्यिकी पर्यवेक्षक सह प्रशिक्षक मुजफ्फर अली ने सेविकाओं को जन्म-मृत्यु निबंधन से जुड़े 10 मुख्य बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया.
कुंडहित. प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में गुरुवार को जन्म-मृत्यु निबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में बीडीओ जमाले राजा, जिला सांख्यिकी पर्यवेक्षक मुजफ्फर अली एवं प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक चंचल दास उपस्थित थे. आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गयी. जिला सांख्यिकी पर्यवेक्षक सह प्रशिक्षक मुजफ्फर अली ने सेविकाओं को जन्म-मृत्यु निबंधन से जुड़े 10 मुख्य बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया. उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर बच्चे का जन्म होता है, उसी क्षेत्र से उसका जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा. वर्तमान समय में अधिकांश प्रसव संस्थागत होते हैं, ऐसे में संबंधित स्वास्थ्य संस्था या क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जन्म के 21 दिनों के भीतर निबंधन कराने पर किसी गवाह की आवश्यकता नहीं होती है तथा आवश्यक कागजात के साथ स्वयं निबंधन कराया जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान माता-पिता अनुपस्थित होने या अधिक उम्र के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गयी. वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित शंकाओं का समाधान करते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो जाती है और डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित किया जाता है, तो संबंधित अस्पताल द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा. अन्य परिस्थितियों में मृत्यु होने पर निबंधन एवं प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया की जानकारी वीडियो के माध्यम से दी गयी. मौके पर कंप्यूटर सहायक धर्मेंद्र ठाकुर सहित अन्य सेविकाएं उपस्थित थीं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
