गालूडीह. लगातार बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. गालूडीह के घुटिया, दारीसाई, धोड़ांगा, हलुदबनी, गुड़ाझोर समेत आदिम जनजाति सबर बस्तियों में ग्रामीण मच्छरों से परेशान हैं. शाम होते ही मच्छरों की संख्या बढ़ जाने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है.
ग्रामीणों के अनुसार, बस्तियों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई जगह जमा है. पहले से साफ-सफाई और नाली की व्यवस्था बेहतर नहीं होने के कारण बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गयी है. जमा पानी के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण मच्छरजनित बीमारियों को लेकर चिंतित हैं.
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से बस्तियों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने, जलजमाव वाले स्थानों की सफाई कराने और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते साफ-सफाई नहीं करायी गयी, तो मच्छरों के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है.
ज्ञात हो कि हाल के दिनों में जिले में मलेरिया से आधा दर्जन ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आये थे. ऐसे में बारिश के बाद बढ़े मच्छरों के प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है.
