दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए नहीं थे रुपये तो किया अपराध, पड़ोसी के बेटे का अपहरण कर 3.50 लाख में बेचा

Updated at : 27 Sep 2020 8:58 AM (IST)
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दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए नहीं थे रुपये तो किया अपराध, पड़ोसी के बेटे का अपहरण कर 3.50 लाख में बेचा

भूइयांडीह ग्वाला बस्ती के विकास रजक के डेढ़ वर्षीय बेटे का अपहरण कर 3.50 लाख रुपये में बेचने और खरीदनेवाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

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जमशेदपुर : भूइयांडीह ग्वाला बस्ती के विकास रजक के डेढ़ वर्षीय बेटे का अपहरण कर 3.50 लाख रुपये में बेचने और खरीदनेवाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से अपहृत बच्चा और नकद तीन लाख रुपये बरामद किये गये हैं. गिरफ्तार होनेवालों में विकास रजक की पड़ोसी नीतू कौर, उसकी मां बबली कौर और बच्चा खरीदनेवाले मनजीत सिंह और उनकी पत्नी प्रभजीत कौर उर्फ सैनी शामिल हैं. मनजीत और उसकी पत्नी प्रभजीत कौर बागबेड़ा के रहनेवाले हैं.

मनजीत मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का काम करता है. बच्चा मनजीत और उसकी पत्नी के पास से पुलिस ने बरामद किया है. यह जानकारी सिदगोड़ा थाने में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डीएसपी पवन कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि बच्चा बेचने का सौदा बबली कौर ने किया था, क्योंकि उसे अपने दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए रुपये की जरूरत थी.

डीएसपी ने बताया कि विकास रजक ग्वाला बस्ती के बाबूडीह शिवमंदिर के पास किराये के मकान में रहता है. शुक्रवार की शाम में वह दूध लेने गया था. इस दौरान उसका बेटा घर के गेट के पास सोया हुआ था और उसकी मां रानी घर में काम कर रही थी. विकास जब दूध लेकर वापस घर लौटा, तो देखा कि बेटा गायब है. इसके बाद उसने सिदगोड़ा थाने में मामले की जानकारी दी.

सीसीटीवी और कॉल डिटेल से मिली मदद : शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पड़ोसी महेंद्र यादव के घर में लगे सीसीटीवी का फुटेज खंगाला, जिसमें पाया कि नीतू कौर बच्चे को लेकर जा रही है. इसके बाद पुलिस ने नीतू कौर और उसकी मां बबली कौर को हिरासत में लिया. पूछताछ में नीतू ने बताया कि बच्चा चोरी करने के बाद वे लोग भूइयांडीह स्थित लिट्टी चौक गये थे, जहां एक दंपती बाइक से आकर बच्चे को ले गया.

वे लोग कौन हैं, उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है. नीतू ने पुलिस को बाइक से आये दंपती का पता आदित्यपुर, गम्हरिया, मानगो आदि स्थानों पर बताया. इसके बाद पुलिस ने नीतू के फोन का कॉल डिटेल निकाला, जिससे दंपती के बारे में जानकारी मिली.

इसके बाद शनिवार तड़के बागबेड़ा में छापेमारी कर पुलिस ने मनजीत सिंह और उसकी पत्नी सैनी को पकड़ा और बच्चे को नामदा बस्ती से उसके मायके से बरामद किया. साथ ही नीतू की निशानदेही पर उसके रिश्तेदार के घर से पुलिस ने रुपये बरामद किये. पुलिस ने उन लोगों के पास से रुपये के अलावा आठ मोबाइल और बच्चे की खरीद-बिक्री के लिए तैयार कागज भी बरामद किया है.

व्हाट्सएप पर तस्वीर भेजकर किया सौदा

बबली कौर ने पुलिस को बताया कि परसुडीह स्थित मनसा मंदिर में प्रभजोत से उसकी मुलाकात हुई थी. उस वक्त उसने बताया था कि उसको दो बेटियां हैं और उसे एक बेटा चाहिए. इसके बाद बबली ने बताया कि उसके एक रिश्तेदार का बच्चा होनेवाला है. पहले उसका सौदा किया, लेकिन मृत बच्चा पैदा होने के कारण सौदा टूट गया. एक सप्ताह के बाद बबली ने पड़ोसी विकास के बेटे को देखने के बाद नीतू से उसकी फोटो खिंचवायी और उसे मनजीत सिंह को व्हाट्एप किया.

मनजीत को बच्चा पसंद आया और फिर दोनों ने मिलकर उसका सौदा कर लिया. वहीं, मनजीत सिंह ने पुलिस को बताया था कि नीतू ने उसे कोर्ट के कागज पर बच्चा दिया था. डील होने के दौरान उसने बताया कि उसके पड़ोस में एक व्यक्ति है, जिसे कैंसर है. उसके इलाज के लिए उसकी पत्नी को अपना बच्चा बेचना है. नीतू ने इसके लिए कोर्ट से 3.30 लाख रुपये में बच्चा देने का फर्जी एकरारनामा तैयार किया है, जिसमें बच्चे के पिता का नाम मनोज प्रसाद और मां का नाम पूजा देवी लिखा था.

posted by : sameer oraon

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