धालभूमगढ़. नरसिंहगढ़ में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का 15 वर्ष बाद भी उपयोग नहीं हुआ है. आज तक न उद्घाटन हुआ और न चालू किया जा सका है. यह अस्पताल खंडहर में तब्दील हो रहा है. भवन का जीर्णोद्धार कराकर चालू करने की दिशा में स्थानीय विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने पहल की है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को मांग पत्र सौंपा है.
दिवंगत रामदास सोरेन ने उठाया था मामलाझामुमो जिला उपाध्यक्ष प्रणव महतो और विधायक प्रतिनिधि अर्जुन हांसदा ने जानकारी दी कि तत्कालीन विधायक दिवंगत रामदास सोरेन ने जिला स्तरीय दिशा की बैठक के साथ-साथ विधानसभा में मुद्दे को उठाया था. वर्ष 2021 में विधानसभा की जांच कमेटी ने जांच की थी. पूरे भवन की मरम्मत के लिए सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी. अब वर्तमान विधायक के प्रयासों से केंद्र के जल्द जीर्णोद्धार और संचालन की उम्मीद बंधी है.
62 हजार की आबादी 15 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचितविभागीय सुस्ती के कारण धालभूमगढ़ प्रखंड की करीब 62,000 की आबादी पिछले 15 वर्षों से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है. रिकॉर्ड के अनुसार, यह भवन वर्ष 2013 में सिविल सर्जन को हैंडओवर किया गया था. शुरुआती दौर में अधिकारियों ने चहारदीवारी और बोरिंग नहीं होने का हवाला देकर इसे चालू करने से टालमटोल किया जाता रहा.
पंखे, खिड़की, दरवाजे तक हो गये चोरीइस सरकारी संपत्ति को असामाजिक तत्वों ने बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. भवन से पंखे, दरवाजे, खिड़कियां, कांच, पाइपलाइन, बेसिन और बिजली के बोर्ड तक चोरी कर ले गये. उचित देखरेख के अभाव में यह भवन असामाजिक गतिविधियों और शौच का अड्डा बन गया, जिसके चारों ओर अब बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आयी हैं.
