आदिवासियों को उनका हक दिलाने का प्रयास करेंगे : बंधु तिर्की
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आदिवासी समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया
: आदिवासी समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया
हजारीबाग. नया बस स्टैंड स्थित संत स्टीफन चर्च करीब 150 वर्ष पुराना है. चर्च परिसर के प्रार्थना स्थल पर निर्मित शेड को अवैध बता कर हजारीबाग जिला प्रशासन ने हटाने का प्रयास किया. पुलिस थाना बनाने के लिए यह आवंटित आवंटित की गयी है. इससे आदिवासी समुदाय में नाराजगी है. ये बातें झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह सदस्य समन्वय समिति एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की ने कही. इस नाराजगी को नियंत्रण में करने के लिए बंधु तिर्की और पूर्व विधायक सौरव नारायण सिंह चर्च परिसर में गुरुवार को बैठक की. बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासियों को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे. दोनों ने जिला प्रशासन के साथ बैठक की. आदिवासियों की मागों पर शीघ्र संज्ञान लेने की बात कही. इस मुद्दे को लेकर आदिवासी समुदाय ने बुधवार की रात कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया था. संत स्टीफेन चर्च के सेक्रेटरी एमानुल खलखाे व अमित सोरेन ने कहा कि संत स्टीफन चर्च 1832 में स्थापित किया गया है. 1858 के सर्वे में अंग्रेजी गिरिजा घर दिखाया गया है. हमलोगों ने इस जमीन की बंदोबस्ती के लिए कई बार प्रशासन को आवेदन दिया. इस जमीन पर धार्मिक प्रतीक व प्रार्थना स्थल था. चर्च की रंग पुताई के दौरान इस प्रार्थना स्थल का सुंदरीकरण किया जा रहा था. पिछले दिनों पुलिस प्रार्थना स्थल से धार्मिक प्रतीक चिह्नों को हटा दिया. इसके विरोध में मुख्यमंत्री व अल्पसंख्यक आयोग को भी पत्र लिखा गया है. बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार यादव, मनोज नारायण भगत, निसार खान, बिनोद कुशवाहा, सहकारिता विभाग के अध्यक्ष कृष्णा किशोर प्रसाद, रवि शर्मा, कोमल कुमारी, पूनम यादव, परवेज अहमद, प्रकाश कुमार यादव, मो गालिब, भैया असीम कुमार, राम कुमार पटेल, गुड्डू जमील, बबलू सिंह के अलावा कई कांग्रेसी उपस्थित थे.
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