चौपारण से अजय ठाकुर की रिपोर्ट
चौपारण: जिस बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाया,सिर पर हाथ रखकर आयुष्मान भवः का आशीर्वाद दिया.आज उसी पिता ने जीते जी उसका पिंडदान करना पड़ रहा है.मामला पाण्डेयबारा/आरापगार के श्मशान घाट पर मुंडन कराए खड़े एक बेबस पिता का हैं.जिनकी आँखें गुस्से और दर्द के मिले-जुले आंसुओं से नम थीं.
प्रेम विवाह से आहत एक पिता ने अपनी 18 वर्षीया जीवित बेटी का बाकायदा हिंदू रीति-रिवाज से गुरुवार को श्राद्धकर्म और पिंडदान कर दिया. पिता के साथ भाई और चाचा ने भी अपना सिर मुंडवाकर समाज के सामने यह संदेश दिया कि अब उनके लिए उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही.
खेमन चंद्रवंशी की पुत्री अचानक घर से लापता हो गई थी.बाद में पता चला कि वह पास के ही गांव नरैना निवासी पवन साव पिता स्व. अशोक साव के साथ फरार हो गई है.बेटी के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने चौपारण थाने में लिखित आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई थी.
