गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से कनेक्शन का नक्सली संगठन पीएलएफआई का इनकार, महिलाओं की पिटाई से मारे गये संदीप को भी नहीं मानता सदस्य

Updated at : 15 Sep 2020 9:14 PM (IST)
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गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से कनेक्शन का नक्सली संगठन पीएलएफआई का इनकार, महिलाओं की पिटाई से मारे गये संदीप को भी नहीं मानता सदस्य

Jharkhand news, Gumla news : प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई (PLFI) ने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से संगठन के किसी प्रकार के कनेक्शन से इनकार किया है. साथ ही, 14 सितंबर को गुमला के टैसेरा गांव में महिलाओं की पिटाई से मारे गये संदीप तिर्की को भी संगठन का निष्कासित सदस्य बताया है. इस संबंध में पीएलएफआई के दक्षिणी कोयल शंख रिजनल कमेटी के तिलकेश्वर गोप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा.

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Jharkhand news, Gumla news : गुमला (दुर्जय पासवान) : प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई (PLFI) ने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से संगठन के किसी प्रकार के कनेक्शन से इनकार किया है. साथ ही, 14 सितंबर को गुमला के टैसेरा गांव में महिलाओं की पिटाई से मारे गये संदीप तिर्की को भी संगठन का निष्कासित सदस्य बताया है. इस संबंध में पीएलएफआई के दक्षिणी कोयल शंख रिजनल कमेटी के तिलकेश्वर गोप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा.

नक्सली तिलकेश्वर गोप के मुताबिक, मृतक संदीप तिर्की का पीएलएफआई से कोई संबंध नहीं है. संदीप तिर्की को पार्टी से 10 वर्ष पूर्व 2010 में ही निष्कासित कर दिया गया था. उसके बाद से पार्टी का उससे किसी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं था. संदीप का नाम पीएलएफआइ से जोड़ कर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का पीएलएफआई से कोई कनेक्शन नहीं है. सुजीत सिन्हा जैसे लोग पार्टी का नाम लेकर अपने आप को बचाना चाहते हैं. संगठन का सुजीत से कोई लेना देना नहीं है.

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संदीप की पीटकर हत्या मामले में 50-60 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज

गुमला के टैसेरा निवासी संदीप तिर्की हत्याकांड में मृतक की भाभी मुन्नी तिर्की ने गुमला थाना में फर्द बयान में दशरथ सिंह एवं राम प्रसाद सिंह सहित 50-60 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करायी है. दर्ज केस में कहा गया है कि 2 वर्ष से मेरा देवर संदीप सिंह टैसेरा में रह रहा था. 13 सितंबर, 2020 की रात 10 बजे घर आया और खाना खा कर सो गया. 14 सितंबर की सुबह 6 बजे खेत की ओर जाने की बात कह कर निकला था. कुछ देर बाद 7.30 बजे घर के बाहर लोगों की चिल्लाने की आवाज सुनायी पड़ा. जिसके बाद मैं बाहर निकल कर देखी, तो बरगांव के 50-60 ग्रामीण हरवे हथियार से लैस होकर मारो-मारो कह कर मेरे देवर संदीप तिर्की को खेत की ओर दौड़ा रहे थे.

सभी ग्रामीणों के पीछे मैं भी गयी, लेकिन धान के खेत में पानी एवं कीचड़ होने के कारण मैं पीछे रह गयी. वहां जाने पर देखा कि धान के खेत में मेरा देवर संदीप तिर्की मृत पड़ा हुआ है. उसके सिर पर 3 जगह धारदार हथियार से काट था. वहीं, बरगांव निवासी दशरथ सिंह अपने हाथ में टांगी एवं राम प्रसाद सिंह अपने हाथ में लाठी पकड़े हुए था. इनके अलावा बरगांव के लोग लाठी पकड़े हुए थे. जब मैंने ग्रामीणों से संदीप तिर्की को मारने का कारण पूछी, तो दशरथ सिंह ने बताया कि टैसेरा गांव का पूरन साहू बरगांव के एक लड़के को हथियार दिखा कर मोबाइल लूट लिया था. वही हथियार पूरन साहू को तुम्हारा देवर संदीप तिर्की दिया था. पूरन साहू की गिरफ्तारी के बाद संदीप तिर्की गांव आकर लोगों को धमका रहा था. जिस कारण ग्रामीण उग्र होकर उसकी हत्या कर दिये.

Posted By : Samir Ranjan.

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