झारखंड में धर्मांतरण और घूसखोरी रोकने के लिए भाजपा सरकार जरूरी, गुमला में बोले बाबूलाल मरांडी

Jharkhand Politics News: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड में धर्मांतरण और घूसखोरी रोकने के लिए भाजपा सरकार जरूरी है.

Jharkhand Politics News: झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमर कस ली है. वह लगातार झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर हमले बोल रही है. परिवर्तन रथ रवाना हो चुका है और परिवर्तन सभाएं हो रहीं हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को गुमला जिले के घाघरा से झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल की गठबंधन सरकार और हेमंत सोरेन पर जमकर हमला बोला.

बाबूलाल मरांडी बोले- हेमंत सोरेन की सरकार झूठी सरकार

झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन की सरकार को झूठी सरकार करार दिया. कहा कि 5 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन बेरोजगारों को आज तक कुछ नहीं मिला. साजिश के तहत आदिवासी आबादी को कम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव में इस सरकार को सबक मिलेगा.

हेमंत सोरेन सरकार का सबसे बड़ा उद्योग है घूसखोरी – बाबूलाल

मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार का सबसे बड़ा उद्योग है घूसखोरी. आज के समय में झारखंड में अधिकारी बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते. उन्होंने कहा कि केंद्र जो पैसे राज्य की जनता के कल्याण के लिए भेजती है, उसका पूरा लाभ यहां के लोगों को नहीं मिलता. कहा कि हेमंत सोरेन ने बिटिया योजना के लिए 75000 रुपए देने का वादा किया था, लेकिन 75 रुपए भी नहीं मिले. 5 लाख नौकरी का वादा किया, वह भी नहीं दिया. आदिवासी समाज की संख्या को जान-बूझकर कम किया जा रहा है.

गुमला जिले में बाबूलाल मरांडी को सुनने पहुंची भीड़.

झारखंड में घुसपैठ और धर्मांतरण को रोकने के लिए बीजेपी जरूरी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार में घुसपैठ हो रही है. धर्मांतरण हो रहा है. अगर इसको रोकना है, तो भाजपा की सरकार को झारखंड में लाना ही होगा. इसके लिए झारखंड में परिवर्तन लाना होगा. कहा कि हेमंत सरकार बालू लूट की सरकार है, जंगल और जमीन बेचने वाली सरकार है. इसको बदलना ही होगा.

हेमंत सोरेन की सरकार में कम हो रही आदिवासियों की आबादी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार में आदिवासियों की आबादी कम हो रही है. आदिवासियों की संख्या कम होगी, तो विधानसभा और लोकसभा में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटें भी कम होंगी. विधायक और सांसद भी कम होंगे. आदिवासी और आदिवासियत को बचाने के लिए भाजपा की सरकार बनाएं. उन्होंने चंद्रमुनि कुजूर और हीरामणि कुजूर, जो वर्ल्ड इंडिया इंटरनेशनल प्रतियोगिता 2024 की विनर हैं, को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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