गुमला. पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व राज्यपाल रघुवर दास मंगलवार को गुमला पहुंचे. उन्होंने नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार शकुंतला उरांव के पक्ष में चुनाव प्रचार किया. साथ ही भाजपा नेताओं से बैठक कर शकुंतला उरांव को जिताने के लिए जोश भरा. श्री दास के गुमला आगमन पर भाजपा के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लिया. श्री दास ने कहा कि आप सभी एकजुट होकर काम करें. इस बार गुमला नगर परिषद के अध्यक्ष की सीट को जीतना है. उन्होंने झारखंड सरकार के पेसा कानून को भ्रामक बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2019 में पेसा कानून लायी थी. परंतु आज हेमंत सोरेन सरकार ने पेसा कानून को हासिये में लाकर खड़ा कर दिया है. झारखंड सरकार विकास विरोधी सरकार है. गुमला जिले के विकास को अवरुद्ध करने का काम किया है. इसलिए उन्होंने आह्वान किया है कि गुमला के विकास के लिए शकुंतला उरांव को बिस्किट छाप में वोट डाल कर मतों से विजयी बनायें. उन्होंने नगर निकाय चुनाव में कार्यकर्ताओं से कहा कि गली-गली घर-घर चुनाव पर्ची लेकर जायें और लोगों को बताये कि किस बूथ नंबर में उन्हें वोट डालना है. रोड में घूमने से कोई फायदा नहीं है. रघुवर दास ने कहा है कि आजकल शहर के लोग कहते हैं कि वोट डालेंगे. परंतु वह वोट डालने नहीं निकलते. सभी लोग वोट दें, तभी गुमला को एक ईमानदार व स्वच्छ अध्यक्ष मिलेगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं व गुमला के तमाम लोगों से यह आह्वान किया है कि अपने मत का प्रयोग करें. क्योंकि 23 फरवरी गुमला के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. बैठक में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शकुंतला उरांव, गुमला जिलाध्यक्ष सागर उरांव, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, पूर्व सांसद समीर उरांव, पूर्व विस अध्यक्ष दिनेश उरांव, नप के पूर्व अध्यक्ष सतनारायण प्रसाद, जिप उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, पूर्व जिला अध्यक्ष सविंद्र सिंह, विनय लाल, अनूप अधिकारी, विजय मिश्रा, राष्ट्रीय तेली महासंगठन के अध्यक्ष महेश लाल, मनोज कुमार, मंगल सिंह भोक्ता, प्राण दत्त, विजय बहादुर सिंह, शैल मिश्रा, सत्यनारायण पटेल, यशवंत सिंह, निर्मल गोयल, अनमोल गुप्ता, राजीव कुमार, उर्मिला रानी पन्ना, भोला चौधरी, देवेंद्र उरांव, अरविंद मिश्रा, चंद्रलेखा देवी, सत्यनारायण कुमार आदि मौजूद थे.
गुमला का विकास चाहते हैं, तो शकुंतला को अध्यक्ष बनायें : रघुवर
भाजपा समर्थित उम्मीदवार शकुंतला उरांव के पक्ष में किया चुनाव प्रचार
