डुमरी. डुमरी प्रखंड स्थित संत अन्ना कॉन्वेंट रजावल परिसर में मंगलवार को आध्यात्मिक व उल्लासपूर्ण माहौल में सिस्टर भियानी तिर्की की डायमंड जुबली व सिस्टर फिलिसितस बेक का गोल्डेन जुबली समारोह मनाया गया. मौके पर परिसर में समारोही ख्रीस्तीयाग बलिदान किया गया, जहां मुख्य अनुष्ठाता फादर दोमनिक तिर्की ने ख्रीस्तीयाग बलिदान कराया. फादर दोमनिक तिर्की ने कहा कि जुबली समारोह क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक व प्रेरणादायक अवसर के रूप में याद किया जायेगा. उन्होंने दोनों सिस्टरों के दीर्घ, समर्पित और अनुकरणीय जीवन की सराहना की. कहा कि सिस्टर भियानी तिर्की ने 60 वर्षों तथा सिस्टर फिलिसितस ने 50 वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, समाजसेवा और धार्मिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. सेवा का जीवन त्याग, अनुशासन और समर्पण की मांग करता है, जिसे दोनों सिस्टरों ने पूर्ण निष्ठा के साथ निभाया है. उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि दोनों सिस्टरों के सेवा, सामाजिक, धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यों का विस्तृत दस्तावेज तैयार कर संरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें और समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर हो. उन्होंने दोनों सिस्टरों के स्वस्थ, दीर्घ व सुखद जीवन की कामना की. वहीं उपस्थित धर्मबहनों ने कृतज्ञता व आशीर्वाद भाव से कहा कि सिस्टर भियानी तिर्की और सिस्टर फिलिसितस का जीवन त्याग, सेवा व समर्पण का प्रतीक है. उनकी वर्षों की तपस्या और समाज के प्रति समर्पण ने अनगिनत लोगों के जीवन को दिशा दी है. मौके पर सिस्टर दिव्या केरकेट्टा, सिस्टर अनिमा, सिस्टर जीवंती, सिस्टर पूनम, सिस्टर इरमीना, सिस्टर अगस्तिना, सिस्टर मिलेता, सिस्टर रोशनी, फादर अलोइस ठिठियो, फादर एडवर्ड लकड़ा, फादर अमर, फादर अजय, फादर मिलियन आदि उपस्थित थे.
त्याग, अनुशासन व समर्पण की मांग करता है सेवा का जीवन : फादर दोमनिक
सिस्टर भियानी तिर्की की डायमंड जुबली व सिस्टर फिलिसितस बेक की गोल्डेन जुबली समारोह
