गुमला संगठन विस्तार करने आए थे चार उग्रवादी, पुलिस के हत्थे चढ़े , हथियारों का जखीरा बरामद

गुमला पुलिस ने ओरापाट जंगल में अभियान चलाकर 5 लाख के इनामी कमांडर रामदेव लोहरा समेत जेजेएमपी के चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। भारी मात्रा में हथियार बरामद।

गुमला. लातेहार जिला से गुमला में संगठन विस्तार करने पहुंचे जेजेएमपी के चार उग्रवादी पुलिस के हत्थे चढ़े. जेजेएमपी के खिलाफ गुमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने डुमरी थाना क्षेत्र के ओरापाट जंगल में अभियान चलाकर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के पांच लाख रुपये के इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, संगठन गुमला जिले में दोबारा सक्रिय होकर अपना विस्तार करने की कोशिश कर रहा था.

पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

पुलिस को 17 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि रामदेव लोहरा अपने साथियों के साथ डुमरी थाना क्षेत्र में संगठन को पुनर्गठित करने के उद्देश्य से सक्रिय है. सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चैनपुर के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान पुलिस टीम ने ओरापाट जंगल में घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार किया.

पांच लाख रुपये का इनामी गिरफ्तार

गिरफ्तार उग्रवादियों में लातेहार जिले के बिंगड़ा निवासी रामदेव लोहरा, लातेहार के कोने निवासी अरविंद नायक, लोहरदगा के किता मक्का निवासी मुनेश्वर सिंह और गुमला के उजरा निवासी जितेंद्र लोहरा शामिल हैं. रामदेव लोहरा जेजेएमपी का सबजोनल सदस्य और पांच लाख रुपये का इनामी बताया गया है, जबकि अरविंद नायक एरिया कमांडर है.

भरी मात्रा में हथियार बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से एक एके-56 राइफल, एक एसएलआर राइफल, एक सेमी ऑटोमेटिक राइफल, एक रेगुलर 7.65 एमएम पिस्तौल, एक देसी कट्टा और कुल 146 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा वॉकी-टॉकी, आठ मोबाइल फोन, दो वाई-फाई डोंगल, प्रतिबंधित जेजेएमपी/नक्सली पर्चे और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है.

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महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पूछताछ के आधार पर जेजेएमपी के अन्य सदस्यों, संगठन के पुनर्गठन और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है. पुलिस की इस कार्रवाई से जेजेएमपी के गुमला में दोबारा पैर पसारने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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