जिले के 221 स्कूल होंगे बंद

Published at :02 Dec 2017 9:27 AM (IST)
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जिले के 221 स्कूल होंगे बंद

दुर्जय पासवान गुमला : गुमला जिले के 221 स्कूल बंद होंगे और इन स्कूलों को नजदीक के किसी स्कूल में मर्ज किया जायेगा, ताकि इन 221 स्कूलों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे. इन स्कूलों में 20 या उससे भी कम बच्चे नामांकित हैं. इस कारण इन स्कूलों को बंद किया जायेगा. इतना ही नहीं, […]

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दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला जिले के 221 स्कूल बंद होंगे और इन स्कूलों को नजदीक के किसी स्कूल में मर्ज किया जायेगा, ताकि इन 221 स्कूलों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे. इन स्कूलों में 20 या उससे भी कम बच्चे नामांकित हैं. इस कारण इन स्कूलों को बंद किया जायेगा. इतना ही नहीं, शिक्षा विभाग की लापरवाही से गुमला जिले में 102 ऐसे स्कूल हैं, जहां एक किमी की परिधि में दो-दो स्कूल संचालित हो रहे हैं.
दिलचस्प बात कि इन 221 स्कूलों में सरकारी राशि बेकार में खर्च हो रही है, क्योंकि ठीक ढंग से स्कूल का संचालन नहीं रहा है. बच्चे कम होने के कारण कई शिक्षक स्कूल जाते नहीं हैं. अगर शिक्षक स्कूल जाते भी हैं, तो एक-डेढ़ घंटा स्कूल में रह कर हाजिरी बनाने बाद घर लौट जाते हैं. स्कूल में जो संसाधन है, उसका भी उपयोग नहीं हो रहा है. स्कूलों में लाखों रुपये का सामान इसी प्रकार बेकार पड़ा हुआ है. अगर देखा जाये, तो इन 221 स्कूलों के शिक्षकों के वेतन व संसाधन में एक साल में सरकार के 12 करोड़ रुपये से अधिक की बरबादी हो रही है.
इस प्रकार मामला सामने आया
गुमला के कई स्कूलों की जांच झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ए मुथुकुमार ने की. स्कूलों की जांच में पता चला कि इन स्कूलों में बच्चे कम हैं. इन्हें बंद कर नजदीक के स्कूलों में ही मर्ज करना उचित होगा. निदेशक ने जांच के क्रम में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या, शिक्षक व प्रति महीना स्कूल के संचालन में हो रही खर्च की जानकारी ली. निदेशक की जांच से खुलासा हुआ कि जिले के कई स्कूलों में सरकारी राशि का सिर्फ दुरुपयोग हो रहा है. उक्त स्कूल से बच्चों को जो शिक्षा मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही है. स्कूलों में जो संसाधन है, उसका भी सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है.
मर्ज करने से पहले नामांकन करायें
स्कूलों को मर्ज करने से पहले सभी 221 स्कूलों के बच्चों को नजदीक के स्कूल में नामांकन कराने के लिए कहा गया है, ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न रह सकें. मर्ज के बाद उक्त स्कूलों की सभी संपत्तियों को नजदीक के स्कूलों में हस्तांतरित करने के लिए कहा गया है. वहीं सभी 221 स्कूलों के शिक्षकों का नजदीक के स्कूल या किसी अन्य स्कूल में आवश्यकता अनुसार स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है.
पहले ही 94 स्कूल बंद हो चुके हैं
इधर, गुमला जिले के 94 स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं. इन स्कूलों को बंद कर नजदीक के स्कूल में मर्ज कर दिया गया है. अभी इन 94 स्कूलों का भवन बेकार पड़ा हुआ है. सबसे बड़ी बात कि कई स्कूलों का भवन पूरा भी नहीं हुआ था और पैसा की पूरी निकासी कर ली गयी थी. स्कूल निर्माण का पैसा खाने वाले अधिकारी खुश हैं, क्योंकि स्कूल बंद होने से अब जांच भी करने कोई नहीं जायेगा.
इनमें शिक्षा केंद्र चलाना है
इन 221 स्कूलों के मर्ज के बाद उक्त स्कूल केखाली पड़े भवनों को साक्षारता केंद्र, संकुल संसाधन केंद्र, प्रखंड संसाधन केंद्र, लोक शिक्षा केंद्र, सखी मंडल व पुस्तकालय आदि शिक्षा विभाग के अन्य आवश्यकताओं में प्रयोग किया जाना है, जिससे भवन की उपयोगिता बनी रहे.
निदेशक ने गुमला डीसी से मांगी रिपोर्ट
निदेशक ए मुथुकुमार ने गुमला डीसी श्रवण साय, डीइओ जयंत मिश्र व डीएसइ गनौरी मिस्त्री को पत्र लिखा है.
पत्र में उन्होंने कहा है कि इन 221 स्कूलों में बच्चों की संख्या व 102 स्कूल की दूरी कम होने के विषय को गंभीरता से लें. निर्धारित मापदंड के अंतर्गत भौगोलिक स्थिति एवं स्कूल की दूरी को देखते हुए सभी स्कूलों का मर्ज जल्द करें. निदेशक ने 221 स्कूलों को मर्ज कर 15 दिसंबर 2017 तक रिपोर्ट मांगी है.
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