रिश्वत लेते जिला उद्यान पदाधिकारी गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद एसीबी की कार्रवाई. डोभा-ग्रीन हाउस का बिल भुगतान के नाम पर मांगे थे 20 हजार
गिरिडीह : धनबाद एसीबी की टीम ने मंगलवार को गिरिडीह जिला उद्यान पदाधिकारी श्रीकिशुन को आठ हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया. वह जमुआ के एक किसान से रिश्वत ले रहे थे.
जमुआ प्रखंड के चिलगा निवासी सुरेश प्रसाद वर्मा ने एसीबी से शिकायत की थी. कहा था कि उन्हें डोभा और ग्रीन हाउस का कार्यदेश मिला था, जिसकी प्राक्कलित राशि 1,50,000 रुपये है. संबंधित राशि का वाउचर देने में जिला उद्यान पदाधिकारी किशुन 20,000 रुपये रिश्वत मांग रहे हैं. आवेदन का सत्यापन करने के बाद मामला (कांड संख्या 20/17) दर्ज किया गया. मंगलवार की सुबह 11 बजे निगरानी के डीएसपी राहुल देव बड़ाइक के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक केएन सिंह व इंद्रदेव देव गिरिडीह पहुंचे.
टीम के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता सुरेश से संपर्क साधा और उसे आठ हजार रुपये दिये. सुबह 11.30 बजे सुरेश रुपये लेकर जिला उद्यान पदाधिकारी के पास पहुंचा और जैसे ही उन्हें रुपये दिये, उसी समय एसीबी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
चार वर्षों से गिरिडीह में हैं श्रीकिशुन
जिला उद्यान पदाधिकारी श्रीकिशुन मूल रूप से यूपी के गोरखपुर जिले के सरस्वतीपुरम गांव के रहनेवाले हैं. पिछले चार वर्षों से वे गिरिडीह में जमे हैं. शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त पदाधिकारी से कई किसान परेशान हैं. इधर, गिरफ्तार किशुन का कहना था कि उन्हें फंसाया गया है. उसने सुरेश की मदद की थी और इसके एवज में उसने गिफ्ट दिया था.
सत्यता जांचने के बाद की कार्रवाई : डीएसपी
अभियान का नेतृत्व कर रहे निगरानी के डीएसपी राहुल देव बड़ाइक ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की गयी और सत्यता जांचने के बाद कार्रवाई की गयी है. मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. गिरफ्तार जिला उद्यान पदाधिकारी को जेल भेजा जायेगा.
भुगतान के एवज में मांगी गयी थी रिश्वत, चार माह से परेशान था सुरेश
शिकायतकर्ता सुरेश का कहना है कि कुछ माह पूर्व उसे जानकारी मिली कि ग्रीन हाउस में खेती करने व मछली पालन के लिए उक्त विभाग के पास योजना है. यह जानकारी मिलने के बाद वह विभाग के क्लर्क से मिला. क्लर्क ने कहा कि योजना है, लेकिन खर्च करना पड़ेगा.
इसके बाद उसने जिला उद्यान पदाधिकारी से भेंट की और उसे छह कट्ठा की जमीन में खेती के लिए ग्रीन हाउस व मछली पालन करने के लिए डोभा दिया गया. वित्तीय वर्ष 2016-17 में उसे योजना मिली और उसने योजना को पूर्ण भी कर लिया इस दौरान उसे 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया और कहा गया कि बाकि राशि तभी मिलेगी जब कमीशन के 20 हजार रुपये मिलेंगे. इतनी मोटी राशि देने में सक्षम नहीं था और वह बार-बार विभाग के चक्कर काटने लगा. फरवरी से जून तक वह कई बार पदाधिकारी से मिला, लेकिन उसे राशि का भुगतान नहीं किया गया. अंतत: उसने एसीबी से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करायी.
कहा कि वह सराकरी सहायता लेकर बेहतर तरीके से खेती करना चाहता है, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था में उसे यह मुमकिन नहीं लग रहा है.
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