रंका से नंद कुमार की रिपोर्ट
Garhwa Crime News: गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के बरवाही जंगल में दो महीने पहले हुई कथित सड़क दुर्घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी. इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की कथित मास्टरमाइंड झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम की पुत्री मनीषा देवी निकली. पुलिस के अनुसार, मनीषा ने अपने प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी के साथ मिलकर अपने पति और अस्पताल कर्मी श्रीकांत रवि (35) की हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पूरे हत्याकांड की परतें खुलीं.
पहले सड़क हादसा माना गया था मामला
एसडीपीओ ने बताया कि 5 जुलाई की रात करीब नौ बजे सूचना मिली थी कि बरवाही जंगल के पास बाइक सवार श्रीकांत रवि की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. मृतक छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज के वार्ड नंबर-5 का रहने वाला था. शुरुआती जांच में मामला सामान्य सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था. हालांकि, मृतक की मां शांति देवी ने रंका थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अपनी बहू मनीषा देवी पर बेटे की हत्या कराने का आरोप लगाया. मामला झामुमो जिलाध्यक्ष की बेटी से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से जांच शुरू की.
कॉल डिटेल ने खोल दी पूरी साजिश
पुलिस ने जब मनीषा देवी और उससे जुड़े लोगों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन का विश्लेषण किया, तो कई अहम सुराग मिले. जांच में सामने आया कि मनीषा लगातार अपने प्रेमी मोहम्मद हसन के संपर्क में थी और घटना वाले दिन भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी. एसडीपीओ ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि हत्या की पूरी पटकथा पहले से तैयार की गई थी और कथित सड़क दुर्घटना को हत्या का रूप देकर मामले को दबाने की कोशिश की गई थी.
किराएदार से हुआ प्रेम, पति बन गया रास्ते की बाधा
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद हसन रामानुजगंज बस स्टैंड में मोबाइल की दुकान चलाता है और श्रीकांत रवि के घर में किराए पर रहता था. इसी दौरान मनीषा और हसन के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों प्रेम संबंध में आ गए. जांच में सामने आया कि मनीषा अपने पति से तलाक लेकर हसन से निकाह करना चाहती थी, लेकिन श्रीकांत इसके लिए तैयार नहीं था. इस वजह से दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था. पिछले चार महीनों से मनीषा अपने मायके चिनिया (गढ़वा) में रह रही थी, जहां हसन उससे मिलने आता था. इसी दौरान दोनों ने श्रीकांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
एक लाख की सुपारी देकर तय हुई हत्या
पुलिस के मुताबिक, पति की हत्या को अंजाम देने के लिए मोहम्मद हसन ने रंका के बांदू निवासी पिकअप चालक परवेज अंसारी से संपर्क किया. श्रीकांत को वाहन से कुचलकर मारने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ. हसन ने परवेज अंसारी को 50 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से अग्रिम भुगतान भी किया था. शेष रकम हत्या पूरी होने के बाद देने की बात तय हुई थी.
मायके बुलाकर रास्ते में कराया हमला
पुलिस जांच में सामने आया कि 5 जुलाई की शाम मनीषा ने अपने पति श्रीकांत को फोन कर मायके चिनिया बुलाया. रात करीब आठ बजे श्रीकांत अपनी अपाचे बाइक से बांदू के रास्ते चिनिया जा रहा था. बरवाही जंगल के पास पहले से घात लगाए बैठे परवेज अंसारी ने पिकअप वाहन (जेएच-03 एपी-9785) से सामने से जोरदार टक्कर मार दी और उसे कुचल दिया. घटनास्थल पर ही श्रीकांत की मौत हो गई. बाद में इस वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई.
तीनों आरोपी गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनीषा देवी, मोहम्मद हसन और परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. एसडीपीओ के अनुसार, तीनों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया है. आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन, एक अर्टिगा कार (सीजी-30 एफ-8498) और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.
इसे भी पढ़ें: पलामू के नौडीहा में 443 किलो गांजा जब्त, डाब की खेप में छिपाकर लाया गया था माल
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे कई अधिकारी
मामले के खुलासे के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के साथ पुलिस निरीक्षक सुभाष पासवान, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी, एसआई अनिल हेंब्रम और सफीउल्लाह अंसारी भी मौजूद रहे. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
इसे भी पढ़ें: परिसीमन से क्या आदिवासी सीटों का होगा नुकसान? निशा उरांव ने आदिवासी महाजुटान पर उठाए सवाल
