दो साल में काटे 83300 पौधे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jul 2016 6:35 AM (IST)
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लालच. खरौंधी में वनों की हो रही अंधाधुंध कटाई वन पट्टा, जंगलों में खेती का लालच खरौंधी : कभी जंगलों से घिरा खरौंधी प्रखंड में तेजी से जंगल साफ होता जा रहा है. सबसे गौरतलब बात है कि बीते दो साल के अंदर सर्वाधिक जंगल की कटाई हुई है. इसका प्रमुख कारण वनों का पट्टा […]
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लालच. खरौंधी में वनों की हो रही अंधाधुंध कटाई
वन पट्टा, जंगलों में खेती का लालच
खरौंधी : कभी जंगलों से घिरा खरौंधी प्रखंड में तेजी से जंगल साफ होता जा रहा है. सबसे गौरतलब बात है कि बीते दो साल के अंदर सर्वाधिक जंगल की कटाई हुई है. इसका प्रमुख कारण वनों का पट्टा लेने एवं जंगलों में खेती करने के लालच में ग्रामीणों ने जहां बीते दिनों में अंधाधुंध जंगल की कटाई की है, वहीं, रसोई बनाने के लिए जंगलों पर आश्रित ग्रामीणों ने जंगलों की खूब कटाई की.
आसपास के जंगल नष्ट हो जाने के कारण बचे हुए जंगल पर निर्भरता ने शेष बचे हुए जंगल को भी साफ करने में अपनी भूमिका निभायी है. इसके कारण खरौंधी प्रखंड जंगल से विहिन होता जा रहा है.
ग्रामीणों ने पकड़वाया भी था, पर कार्रवाई नहीं हुई : प्रखंड में नवाडीह में उत्तरी वन प्रमंडल द्वारा पहाड़ियों को हरा-भरा करने की योजना के तहत वर्ष 2008 में 50 हेक्टेयर भूमि में 83300 पौधे लगाये गये थे. इनमें खैर, शीशम, बांस, बैर, खिजली, सेमर, नीम, करंज आदि के पौधे शामिल थे. लगाये गये पौधे आठ साल में पौधे बड़े होकर तैयार हो चुके थे. लेकिन ग्रामीणों ने तहस-नहस कर दिया. ग्रामीणों द्वारा नष्ट किये जा रहे पेड़ों पर वन विभाग पूरी तरह से मूकदर्शक बनी रही. इसके पूर्व ग्रामीणों ने पेड़ काटनेवालों को पकड़वाया भी था, लेकिन वन विभाग द्वारा कोई कारवाई नहीं होने से पेड़ धड़ल्ले से कटते चलते गये. विदित हो कि इस समय भारत सरकार पूरे देश में पर्यावरण के संरक्षण को लेकर पौधरोपण का अभियान चला रही है. ग्रामीण अमरनाथ राम ने बताया कि नवाडीह के ग्रामीण ट्रैक्टर लगाकर पेड़ काटकर ले गये.
पेड़ कटने की जानकारी नहीं है : डीएफओ
गढ़वा उतरी वन प्रमंडल पदाधिकारी एके दुबे ने कहा कि इतनी संख्या में पेड़ काट लिये गये, उन्हें यह जानकारी नहीं है. जांच में यह सही पाया गया, तो दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि अगर पेड़ काटा गया है, तो इसके पीछे वन का पट्टा लेना भी कारण हो सकता है. विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है. इसीलिए जंगल कटने से रोकने में असमर्थता हो रही है.
वनवासियों को वन पट्टा देना है : अंचलाधिकारी
वनों की कटाई के संबंध में अंचलाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि जो तीन वर्ष से अधिक वनों पर निर्भर हैं और जंगल में ही वास कर रहे हैं, उन्हें वन पट्टा देना है. नवाडीह के सात ग्रामीणों का आवेदन मिला है. लेकिन जहां वन विभाग का पौधरोपण हुआ है और जहां पेड़ काटे गये हैं, आवेदनकर्ता वहीं हैं, यह जांच का विषय है.
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