गढ़वा : गढ़वा में पिछले तीन दिन से मौसम स्थिर बना हुआ है. तापमान 47 डिग्री सेल्यिस से गिर कर 41 डिग्री के आसपास बना हुआ है. आकाश में बीच-बीच में बादल छाने व पछुआ हवा चलने से लू से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन गरमी व उमस बरकरार रहने के कारण बेचैनी बनी हुई है. लोगों को मानना है कि जेठ का तपना तो ठीक था, लेकिन आषाढ़ चढ़ जाने के बाद अब बारिश होनी चाहिए. आषाद चढ़े हुए आज चौथा दिन बीत चुका है.
यद्यपि इस समय मृगशिरा नक्षत्र में खेती के हिसाब से कुछ समय बाद ही बारिश होना शुभ माना जाता है. मृगशिरा नक्षत्र में शुरुआत की बारिश कृषि के अनुकूल नहीं मानी जाती है. इसलिए किसान चाहते हैं कि मृगशिरा के अंतिम समय में व आद्रा नक्षत्र के चढ़ते के साथ बारिश हो. वैसे मौसम विज्ञान के मुताबिक मंगलवार से इस इलाके में मॉनसून के प्रवेश की संभावना व्यक्त की गयी है. मॉनसून के प्रवेश होने के बाद ही लोगों को लू से निजात मिलेगी. साथ ही पानी के लिए तरस रहे जनजीवन के साथ परिंदे व वनस्पति जगत को राहत मिलेगी.
