वो गुहार लगाती रहीं, लेकिन ट्रंप नहीं पसीजे… अटार्नी जनरल पाम बॉन्डी को किया बर्खास्त, लेकिन क्यों?

Trump Fires Attorney General Pam Bondi: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पद से हटा दिया. ट्रंप बॉन्डी के काम से निराश थे. बॉन्डी की बर्खास्तगी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की प्रमुख क्रिस्टी नोएम के बाद दूसरा बड़ा कैबिनेट रीशफल है. नोएम को लगभग एक महीने पहले हटाया गया था.

Trump Fires Attorney General Pam Bondi: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पद से हटा दिया. यह फैसला ऐसे समय आया है जब उनकी कार्यशैली को लेकर लंबे समय से विवाद और असंतोष चल रहा था. वे अपने पूरे कार्यकाल में ट्रंप के एजेंडे पर ही चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी छुट्टी कर दी गई. उन्हें ट्रंप के प्रति बेहद वफादार सहयोगी के रूप में देखा जाता था, लेकिन करीब 14 महीने के भीतर ही यह भरोसा टूट गया और उनका कार्यकाल विवादों के बीच खत्म हो गया. आखिर ये कैसे हुआ?

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में हुए एक तीखे टकराव के बाद यह कदम उठाया गया, जहां ट्रंप ने बॉन्डी पर ‘माफ न करने लायक गलती’ करने का आरोप लगाया. मेल के सूत्रों के मुताबिक, बॉन्डी ने अपने पद पर बने रहने के लिए ट्रंप से गुहार लगाई, लेकिन राष्ट्रपति अपने फैसले पर अडिग रहे और साफ कर दिया कि अब उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है.

व्हाइट हाउस में टकराव: आखिरी कोशिश भी बेकार

मेल की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम ट्रंप के ईरान युद्ध पर प्राइम-टाइम संबोधन से ठीक पहले हुआ. बॉन्डी इस फैसले से बहुत परेशान और नाखुश थीं और उन्होंने ट्रंप को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तुरंत हटा दिया गया. शुरुआत में इस फैसले की घोषणा अगले दिन की जानी थी, लेकिन मीडिया में तेजी से बढ़ती अटकलों के कारण इसे जल्द सार्वजनिक कर दिया गया.

60 वर्षीय बॉन्डी ने 2011 से 2019 तक फ्लोरिडा की अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य किया. साल 2020 में जब ट्रंप पर सत्ता के दुरुपयोग को लेकर पहला महाभियोग चला, तब बॉन्डी उनकी कानूनी टीम का हिस्सा बनीं और बचाव पक्ष की वकील के तौर पर उन्होंने अपनी मजबूत दलीलों से खास पहचान बनाई. ट्रंप ने फरवरी 2025 में बॉन्डी को अटार्नी जनरल के पद पर नियुक्त किया था. 

बर्खास्तगी की बड़ी वजह: एपस्टीन फाइल्स विवाद

बॉन्डी की विदाई के पीछे सबसे बड़ा कारण जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का विवाद माना जा रहा है. ट्रंप प्रशासन पर इन फाइलों को ठीक से हैंडल न करने और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगे. बॉन्डी के ऊपर आरोप लगे कि उन्होंने एपस्टीन की क्लाइंट लिस्ट में से कुछ नामों को छुपाया, इससे ट्रंप की छवि को धक्का लगा. वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप का मानना था कि न्याय विभाग (DOJ) ने इस मामले में उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पर्याप्त आक्रामकता नहीं दिखाई, जिससे मामला बिगड़ता चला गया.

दूसरा कारण: एरिक स्वॉलवेल लीक विवाद

एक और बड़ा आरोप यह है कि बॉन्डी ने एरिक स्वालवेल को एफबीआई की जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक की. यह जांच स्वॉलवेल और कथित चीनी जासूस क्रिस्टीन फैंग के संबंधों से जुड़ी थी. स्वॉलवेल ने एफबीआई से उनके और फैंग के पुराने संबंधों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक न करने की मांग की थी. सोमवार को स्वॉलवेल के वकीलों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को एक ‘सीज एंड डेसिस्ट’ नोटिस भेजा, जिसमें बुधवार तक लिखित आश्वासन मांगा गया कि इन फाइलों को जारी नहीं किया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक, एफबीआई इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की तैयारी में था, लेकिन बॉन्डी के हस्तक्षेप से व्हाइट हाउस नाराज हो गया. यह भी कहा जा रहा है कि बॉन्डी और स्वॉलवेल के बीच निजी संबंध अच्छे थे, जिससे शक और गहरा गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि व्हाइट हाउस इस बात से नाखुश था कि बॉन्डी, स्वॉलवेल के साथ अपनी निजी दोस्ती के चलते इस मामले में दखल दे रही थीं.

ट्रंप की नाराजगी: विरोधियों पर कार्रवाई नहीं

रिपोर्ट्स बताती हैं कि ट्रंप बॉन्डी से इसलिए भी नाराज थे, क्योंकि उन्होंने उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई. ट्रंप चाहते थे कि उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर न्यूयॉर्क अटार्नी जनरल लेटिटिया जेम्स और पूर्व एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कोमी का नाम लेकर कानूनी कार्रवाई की इच्छा जताई थी. 

बॉन्डी ने केस शुरू तो किया, लेकिन देरी और लचर कानूनी कार्रवाई और पुख्ता सबूत न होने की वजह से कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. इसके लिए भी बॉन्डी को ही जिम्मेदार ठहराया गया. ट्रंप कुछ समय निजी बातचीत में बॉन्डी के लिए नाराजगी जाहिर कर रहे थे. अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. 

पाम बॉन्डी के काम भी बने विवाद की वजह

अमेरिका की पूर्व अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी का कार्यकाल लगातार विवादों में घिरा रहा. उनके फैसलों और कामकाज के तरीके को लेकर न्याय विभाग के अंदर और बाहर दोनों जगह तीखी आलोचना हुई. बॉन्डी पर सबसे बड़ा आरोप यह रहा कि उन्होंने जस्टिस डिपार्टमेंट की स्वतंत्रता को दरकिनार कर ट्रंप की राजनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया. पद संभालते ही बॉन्डी ने जस्टिस डिपार्टमेंट में बड़े स्तर पर फेरबदल शुरू किया. उन्होंने उन अधिकारियों और वकीलों को हटाना शुरू कर दिया, जिन्होंने पहले ट्रंप से जुड़े मामलों की जांच की थी. इस कदम से विभाग के कई अनुभवी कर्मचारियों में असंतोष फैल गया और कई ने विरोध में इस्तीफा दे दिया. 

फरवरी 2026 में एक संसदीय सुनवाई के दौरान बॉन्डी का रवैया काफी आक्रामक रहा. उन्होंने आलोचना करने वाले सांसदों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें असफल और अप्रासंगिक तक कह दिया. बॉन्डी पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने पुलिस जवाबदेही से जुड़े प्रयासों को कमजोर किया. नागरिक अधिकारों की निगरानी करने वाले विभाग की गतिविधियों को लगभग ठप कर दिया गया, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने पद छोड़ दिया. 

उन्होंने न्याय विभाग की इमारत पर ट्रंप की तस्वीर वाला बड़ा बैनर लगवाया गया, इस पर भी बवाल मचा. बॉन्डी ने 2020 के चुनाव परिणामों को लेकर जांच शुरू करवाई, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया. इसके अलावा, 2016 के रूस हस्तक्षेप मामले की दोबारा जांच के लिए मियामी के एक वकील को नियुक्त किया गया, जिस पर भी सवाल उठे.

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अगला अटॉर्नी जनरल कौन?

फिलहाल डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल बनाया गया है. स्थायी नियुक्ति को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं. इसमें ली जेल्डिन का नाम सबसे आगे है. वे ट्रंप के करीबी और सीक्रेट वेपन माने जाते हैं. वहीं  रॉन डिसैंटिस भी संभावित दावेदार हैं. इन दोनों के साथ खुद टॉड ब्लांश भी मागा समर्थकों के बीच अपनी छवि मजबूत करने में जुटे हैं. वे इस पद पर स्थाई कार्यकाल चाहते हैं. 

डोनाल्ड ट्रंप ने बॉन्डी को बाहर करने के बाद कहा?

पाम बॉन्डी एक महान अमेरिकी देशभक्त और मेरी वफादार मित्र हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में अटॉर्नी जनरल के रूप में पूरी निष्ठा के साथ सेवा दी. पाम ने पूरे देश में अपराध के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की निगरानी करते हुए शानदार काम किया, जिसके चलते हत्याओं की दर 1900 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई. हम पाम से बहुत प्यार करते हैं, और वह अब प्राइवेट सेक्टर में एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण नई भूमिका में जा रही हैं, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी. हमारे डिप्टी अटॉर्नी जनरल और बेहद प्रतिभाशाली व सम्मानित कानूनी दिमाग टॉड ब्लांश अब कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.

अपनी बर्खास्तगी के बाद बॉन्डी क्या बोलीं?

बॉन्डी ने कहा कि वह अगले एक महीने तक अटॉर्नी जनरल कार्यालय के कामकाज को व्यवस्थित तरीके से हस्तांतरित (ट्रांजिशन) करने में सहयोग करेंगी, ताकि उनके डिप्टी टॉड ब्लांश को जिम्मेदारी संभालने में आसानी हो सके. इसके बाद वह निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में किसी नई भूमिका में जाएंगी. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप के ऐतिहासिक और बेहद सफल प्रयासों का नेतृत्व करना, जिनका उद्देश्य अमेरिका को अधिक सुरक्षित बनाना था, मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. यह न्याय विभाग के इतिहास में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण पहला साल रहा है.

क्या कैबिनेट में और बदलाव होंगे?

बॉन्डी की बर्खास्तगी, क्रिस्टी नोएम को हटाए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद हुई है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप अपनी कैबिनेट में बड़े स्तर पर बदलाव कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटेलिजेंस प्रमुख तुलसी गबार्ड और एफबीआई चीफ काश पटले का भविष्य भी अनिश्चित है. पाम बॉन्डी की बर्खास्तगी के बाद रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यूएस आर्मी चीफ और दो जनरलों को भी जबरन रिटायर कर दिया.  इससे यह साफ है कि ट्रंप प्रशासन में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है.

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By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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