– रमना स्टेशन पर रात 12 बजे होता है ट्रेन का ठहराव, पुन: रात आठ बजे करने की मांग – महिला व बुजुर्गों को भारी परेशानी, पेयजल व शौचालय की सुविधा भी नदारद
चोपन-गढ़वा रोड रेलखंड के रमना स्टेशन पर यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इन दिनों सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13349/50) की समय सारणी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गयी है. ट्रेन का समय मध्य रात्रि 12 बजे होने के कारण यात्रियों को घंटों पहले स्टेशन आकर असुरक्षित माहौल में इंतजार करना पड़ता है. पटना जाने के लिए यह एकमात्र सीधी ट्रेन होने के कारण मजबूरी में लोग बच्चों और बुजुर्गों के साथ रात के अंधेरे में स्टेशन पर वक्त बिताने को मजबूर हैं. स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों ने ट्रेन के समय में चार घंटे की कटौती कर इसे पुनः पुराने समय (रात 8 बजे) पर करने की मांग की है.
बुनियादी सुविधाओं का भारी अभावस्टेशन पर केवल समय ही समस्या नहीं है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. रात के समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. साथ ही महिलाओं के लिए स्टेशन पर शौचालय की सुविधा नहीं है. इसके अलावा शुद्ध पेयजल और बैठने के लिए प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल) की सुविधा संतोषजनक नहीं होने के कारण दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती है.
क्या कहते हैं लोगरेलवे प्रशासन को समय पर विचार करने की जरूरत : श्री प्रसाद
श्री प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पटना जाने के लिए सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस ही एकमात्र साधन है. समय बदल जाने से काफी परेशानी होती है. रात में स्टेशन पर रुकना किसी सजा से कम नहीं है. रेलवे प्रशासन को समय पर विचार करना चाहिए. बीमार लोगों व छात्रों को होती है परेशानी: बबलू बबलू गुप्ता ने कहा कि पहले ट्रेन का समय रात आठ बजे था, जो काफी सुविधाजनक था. अब रात 12 बजे होने से बीमारों और छात्रों को बहुत परेशानी होती है . इसे पुनः रात 8 बजे किया जाना चाहिए . लोगों को काफी परेशानी होती है: मुन्नासमाजसेवी मुन्ना प्रसाद ने कहा कि यह एक ज्वलंत समस्या है. लोगों को काफी परेशानी होती है. हम जल्द ही पलामू सांसद से मिलकर ट्रेन के समय में बदलाव और स्टेशन पर शौचालय व पेयजल जैसी सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग करेंगे.
मुख्य मांगें सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस का समय रात 12:00 के बजाय पुनः रात आठ बजे किया जाये.
स्टेशन पर महिलाओं के लिए आधुनिक शौचालय का निर्माण हो.
स्टेशन पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये.यात्रियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय की क्षमता बढ़ायी जाये.
