सफल ट्रायल के बाद भी सदर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट पांच महीने से बंद

करोड़ों की लागत से तैयार यूनिट चालू नहीं होने से मरीज निजी केंद्रों पर निर्भर

करोड़ों की लागत से तैयार यूनिट चालू नहीं होने से मरीज निजी केंद्रों पर निर्भर प्रभाष मिश्रा, गढ़वा गढ़वा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को निजी अस्पतालों की तर्ज पर बहाल करने की परिकल्पना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है. अस्पताल परिसर में स्थापित सरकारी डायलिसिस यूनिट का ट्रायल चार नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद इसे पूर्ण रूप से शुरू नहीं किया जा सका है. आलम यह है कि करोड़ों की लागत से बना सुसज्जित वेटिंग एरिया और तीन अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें केवल शो-पीस बनकर रह गयीं हैं. सेंटर चालू नहीं होने के कारण मरीजों की पूरी निर्भरता फिलहाल पीपीपी मोड पर संचालित ””संजीवनी”” केंद्र पर है, जहां मशीन अक्सर खराब रहतीं हैं, जिसके कारण मरीजों को लौटना पड़ता है. सदर अस्पताल में वर्तमान में पीपीपी मोड पर संजीवनी कंपनी द्वारा डायलिसिस सेंटर का संचालन किया जा रहा है. इसका उद्घाटन 16 मई 2021 को तत्कालीन मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने किया था. यहां कुल चार मशीनें कार्यरत हैं, जिससे रामकंडा, बडगड़, भंडारिया, कांडी, धुरकी और नगर उंटारी जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी मरीज पहुंचते हैं. हालांकि, मशीनों के बीच-बीच में खराब होने से डायलिसिस की प्रक्रिया बाधित हो जाती है. ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों को मजबूरी में जिले से बाहर निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है, जो बहुत खर्चीला साबित होता है. सूत्रों के अनुसार, सदर अस्पताल की अपनी तीन यूनिट वाली डायलिसिस सेंटर के बंद रहने का मुख्य कारण ””टेक्नीशियन”” की कमी है . ट्रायल सफल होने के बावजूद मैनपावर की कमी के कारण यह यूनिट जनता को लाभ नहीं पहुंचा पा रही है. योजना यह थी कि योजना थी कि सरकारी डायलिसिस सेंटर शुरू होने से मरीजों को निजी केंद्रों जैसी सुविधाएं और सुसज्जित वेटिंग एरिया का लाभ मिलेगा, जिससे भीड़ का दबाव भी कम होगा. मरीजों और उनके परिजनों ने जिले के उपायुक्त से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. उनका कहना है कि यदि सदर अस्पताल की अपनी यूनिट सुचारू रूप से चालू हो जाती है, तो गढ़वा सहित आसपास के अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. ……………….. टेक्नीशियन की कमी के कारण चालू नहीं हुआ सेंटर: डॉ मेहरू गढ़वा सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉक्टर मेहरू यामिनी ने बताया कि उन्हें अब तक डायलिसिस सेंटर हैंडओवर नहीं किया गया है. साथ ही टेक्नीशियन की कमी के कारण डायलिसिस सेंटर को चालू नहीं किया गया है. सेंटर को जल्द ही चालू कर दिया जायेगा, सक्रियता के साथ प्रयास जारी है.

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By Akarsh aniket

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